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हिमाचल चुनाव में अब आर-पार की लड़ाई

Tue, 30 Oct 2012 07:38 AM IST
रोहित नागपाल/शिमला
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चुनावी रण में 35 का जादुई आंकड़ा पाने को अब आर-पार की लड़ाई के लिए मोर्चा बंदी कर दी गई है। कांग्रेस-भाजपा के स्टार प्रचारकों की हिमाचल में होड़ लगी है। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी सहित एलके आडवाणी, सुषमा स्वराज और नरेंद्र मोदी जैसे कद्दावर नेता हिमाचल में रैलियां कर चुके हैं।
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सोनिया गांधी मंगलवार को शिमला में रैली करेंगी। राहुल गांधी बुधवार को चंबा के बनीखेत में रैली करेंगे। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह भी इसी दिन राहुल गांधी के साथ चंबा पहुंचेंगे। इसके बाद इनके शिमला आने का कार्यक्रम है। भाजपा से सुषमा स्वराज से लेकर विनोद खन्ना के अभी आने की उम्मीद है।

दूसरी तरफ, हिमाचल में दोनों राजनीतिक दलों के सेनापतियों पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने मोर्चा संभाल रखा है। दोनों नेता रोजाना तूफानी दौरे कर रहे हैं। किसी एक जिले में दौरे के दौरान अधिकतर निर्वाचन क्षेत्रों में रैलियां करने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस और भाजपा के सेनापतियों ने अपने तरकशों में कई तीर रखे हैं। हर जनसभा में विरोधी को चित्त करने के लिए तीर छोड़े जा रहे हैं। प्रचार के अंतिम दौर के नजदीक आते ही अब इनके तरकशों से किसी ब्रह्मास्त्र के निकलने का इंतजार कर रहे हैं।
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चुनावी रणभेरी बजने से पहले और बाद में अभी तक मुख्यमंत्री धूमल 80 जनसभाएं कर चुके हैं। वीरभद्र सिंह ने अभी तक साठ से अधिक जनसभाएं की हैं। टिकट आवंटन से लेकर अन्य प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष कुछ समय तक दिल्ली में डटे रहे। इसकी भरपाई अब दिन-रात रैलियां कर की जा रही हैं।

दूसरी तरफ, प्रेम कुमार धूमल भी देर रात तक चुनावी जनसभाओं में डटे हैं। चंबा से लेकर शिमला तक दोनों नेता अपने उड़नखटोले में जनसभाओं के लिए जा रहे हैं। पार्टी प्रत्याशियों की डिमांड में भी दोनों नेता ही हैं। कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों पर वार किए जा रहे थे। वहीं, भाजपा के निशाने पर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ही रहे।

एक दिन में चार से पांच जनसभाएं
वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल चुनावी प्रचार के अंतिम दौर में ज्यादा पसीना बहा रहे हैं। दोनों नेता एक ही दिन में कम से कम चार से पांच जनसभाएं कर रहे हैं। इसमें कुछ स्थानों पर तो साथ लगते निर्वाचन हलकों के प्रत्याशियों को एक ही मंच पर लाकर संयुक्त रैलियां की जा रही हैं।

कुछ नेता प्रेसवार्ता कर ही लौटे
कांग्रेस और भाजपा के लिए प्रदेश में प्रचार के लिए पहुंचे कुछ नेता किसी क्षेत्र में जनसभा या रैली करने के बजाय प्रेसवार्ता करने के बाद ही वापस लौट गए। इनमें केंद्रीय मंत्री पवन बंसल, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष दुष्यंत कुमार, पार्टी के पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रताप सिंह सहित अन्य नेता शामिल हैं।
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