प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के बीच सब कुछ ठीक चल रहा है। कांग्रेस ने पीएम को हटाने और राहुल गांधी को कुर्सी सौंपने की कथित खबरों को अफवाह और दुष्प्रचार करार दिया है।
कांग्रेस ने एक बार फिर कहा है कि मनमोहन सिंह 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहेंगे।
पार्टी ने सफाई दी है कि कांग्रेस ने कई मौकों पर यह बात कही है और यह स्थिति अब भी है। इसके बावजूद जो अफवाहें चल रही हैं, पार्टी उसका खंडन ही नहीं, भर्त्सना भी करती है।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष के बीच मतभेद की बात को दोबारा खारिज करते हुए कहा है कि दोनों के बीच सर्वोत्तम संबंध हैं।
माना जाता है कि अश्वनी कुमार और पवन बंसल प्रधानमंत्री के करीबी हैं और उनके इस्तीफे को लेकर सोनिया गांधी और उनके बीच मतभेद थे। हालांकि कांग्रेस ने एक दिन पहले ही इस मुद्दे पर सफाई दे दी थी, लेकिन उसे 24 घंटे के भीतर ही दोबारा सफाई देनी पड़ी।
दरअसल, सोनिया और प्रधानमंत्री के बीच मतभेद के साथ ही इस बात की चर्चा हो रही थी कि पार्टी हाईकमान मनमोहन सिंह से नाराज है और उन्हें हटाकर राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना चाहता है। सोमवार को पार्टी ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।
कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि 2009 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र जारी करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने अपनी तस्वीर पर हाथ रखते हुए सिर्फ डॉ. मनमोहन सिंह की तस्वीर दिखाते हुए कहा था कि चुनाव के बाद हमारे प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह होंगे।
द्विवेदी ने कहा कि पार्टी ने लगातार जब कभी भी इस तरह का सवाल सामने आया है, तो यही बात कही है कि डॉ मनमोहन सिंह हमारे प्रधानमंत्री रहेंगे। हमने वादा किया है कि 2014 तक मनमोहन सिंह ही हमारे प्रधानमंत्री रहेंगे।
इन खबरों को खंडन और भर्त्सना करते हुए द्विवेदी ने कहा कि अफवाह फैलाने वालों को हमेशा की तरह शर्मिंदा होना पड़ेगा। अच्छा हो कि उन्हें अब सदबुद्धि आ जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष के जो संबंध हैं, वैसे किसी प्रधानमंत्री या पार्टी अध्यक्ष के नहीं हो सकते।