झारखंड विधानसभा चुनाव में मिशन दो तिहाई के नारे के साथ चुनाव मैदान में उतरी भाजपा ने ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) से हाथ मिला लिया है।
सोमवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ हुई बैठक में 6 विधायक वाले आजसू के मुखिया सुदेश महतो ने महज 8 सीटों पर समझौते पर हामी भर दी है। झारखंड में हर हाल में सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा की निगाहें कुछ अन्य छोटे दलों पर है।
81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी ने 63 उम्मीदवारों की घोषणा करने और आजसू को 8 सीटें देने के बाद इसी रणनीति के तहत 10 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा रोक रखी है। पार्टी बीते लोकसभा चुनाव में 44 फीसदी वोट और 57 विधानसभा सीटों पर मिली बढ़त को विधानसभा चुनाव में भी कायम रखना चाहती है।
भाजपा के झारखंड के चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव ने बताया कि समझौते के तहत पार्टी ने आजसू उसके विधायकों वाली पांच और अन्य तीन सीटें देने का फैसला किया है। फिलहाल 6 सीट चिन्हित की गई हैं, अन्य दो सीट आजसू पार्टी की राज्य इकाई के नेताओं से चर्चा के बाद तय होगी।
उल्लेखनीय है कि बीते विधानसभा चुनाव में आजसू को करीब 7 फीसदी जबकि भाजपा को करीब 29 फीसदी मत हासिल हुए थे। लोकसभा चुनाव में पार्टी के मत में करीब 15 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है।
यादव ने बताया कि पार्टी अपनी पूर्व की रणनीति के तहत ही चुनाव में किसी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं करेगी। हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तरह इस चुनाव में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पार्टी के चेहरा होंगे और पार्टी केंद्र सरकार के कामकाज के आधार पर वोट मांगेगी। पार्टी राज्य के विकास के लिए केंद्र और राज्य में समान सरकार और चलो चलें मोदी के साथ का नारा देगी।