तेलंगाना की तर्ज पर अन्य नए राज्यों की मांग को केंद्र सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है।
सरकार ने लोकसभा में साफ कर दिया है कि उसका बुंदेलखंड, विदर्भ, बोडोलैंड और गोरखालैंड के रूप में नए राज्यों के गठन का कोई इरादा नहीं है।
तेलंगाना को अलग राज्य बनाने के लिए सहमति दिए जाने के बाद देश भर में अन्य नए राज्यों के गठन की मांग तेज हो गई थी।
अलग बोडोलैंड की लगातार मांग करने वाले सांसद सानछुमा बैसीमुथियारी और आर थामराईसेलवन ने केंद्रीय गृह मंत्री से तेलंगाना की तर्ज पर नए राज्यों के गठन पर सवाल किया था।
इसके जवाब में गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने कहा कि न तो सरकार के पास तेलंगाना के अतिरिक्त किसी अन्य राज्य के गठन का प्रस्ताव लंबित है और न ही सरकार नए राज्यों के गठन का इरादा ही रखती है।
सिंह ने नए राज्यों के गठन की मांग कर रहे लोगों की उम्मीदों पर यह कह कर पानी फेर दिया कि गृह मंत्रालय राज्य पुनर्गठन आयोग बनाने का भी इरादा नहीं रखती।
नए राज्य के रूप में तेलंगाना के गठन के बाद से ही देश भर में लगभग एक दर्जन नए राज्यों के गठन की मांग तेज हो गई थी।
खासतौर पर बोडोलैंड और गोरखालैंड की मांग करते हुए कुछ दलों ने पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार विरोध प्रदर्शन किया था।