कथावाचक आसाराम ने मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित आश्रम में मंगलवार को एक किशोरी को यह कहकर पेश किया कि वह उनके खिलाफ यौन शोषण की शिकायत करने वाली लड़की की सहेली है।
उस किशोरी ने आसाराम का बचाव करते हुए कहा कि आसाराम निर्दोष हैं और उन पर लगाए जा रहे आरोप झूठे हैं। इस किशोरी ने कहा कि उसने अपनी सहेली (पीड़िता) से बात की है और उसने बताया कि उसके परिवार वालों के कहने से वह आसाराम के खिलाफ आरोप लगा रही है।
दो दिन से आश्रम में ठहरे आसाराम को समन की तामीली कराने जोधपुर से आए दो पुलिसकर्मियों को करीब आठ घंटे इंतजार करना पड़ा।
सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक ये पुलिसकर्मी आसाराम के ध्यान से बाहर आने का इंतजार करते रहे। दोपहर दो बजे आसाराम ने समन प्राप्त कर लिया। शाम को वह सूरत के लिए रवाना हो गए।
आसाराम अब 30 अगस्त को जोधपुर में अदालत के समक्ष पेश होंगे। आसाराम ने बताया कि वह 31 अगस्त तक व्यस्त हैं।
आसाराम जब अपने भक्तों को संबोधित कर रहे थे तो साफ नजर आया कि उन्होंने जेल जाने की मानसिक तैयारी कर ली है। आसाराम ने अपने अनुयाइयों से कहा कि जेल में अपराध करने वाले ही जाते हैं ऐसा नहीं है, बेगुनाह भी जाते होंगे।
अब उन्होंने फैसला कर लिया है कि वह जेल में प्रवचन करेंगे और जेल में बंद लोगों की सेवा करेंगे। जो लोग बेगुनाह हैं, उनकी मदद करेंगे।
आसाराम ने कहा कि लड़की नाबालिग नहीं है, होशियार है। वह अपने घरवालों के साथ आई थी। जैसे आरोप लगे वैसी मुलाकात नहीं हुई थी। पुलिस शिकायतकर्ता लड़की और उसके भाई पर दबाव बना रही है।
उधर सिख समाज आसाराम के खिलाफ प्रदर्शन करने उतर आया। एक टीवी चैनल पर आसाराम की समर्थक व प्रवक्ता नीलम दुबे द्वारा की गई टिप्पणियों को लेकर उस न्यूज चैनल और नीलम दुबे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
इस बहस में दावा किया गया था कि गुरू नानक देव और गौतम बुद्ध भी जेल गए थे। सिखों ने आसाराम की तस्वीरों पर कालिख पोतकर अपना विरोध जाहिर किया।
भाजपा खुलकर आसाराम के बचाव में
भारतीय जनता पार्टी ने आसन्न चुनावों को देखते हुए आसाराम का खुलकर समर्थन करने की रणनीति अपनाई है। जहां उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया ट्रायल नहीं करने की सलाह दे डाली, वहीं उनके खास समर्थक रमेश मेंदोला तो अपने तमाम समर्थकों के साथ आसाराम से मिलने जा पहुंचे। इंदौर नगर निगम के कई पदाधिकारी उनके साथ थे।
मध्य प्रदेश में आसाराम के समर्थकों की अच्छी खासी तादाद है। आसाराम उनके समर्थकों के लिए एक पीड़ित में बदल गए हैं और वे मीडिया को निशाना बना रहे हैं। इंदौर में मंगलवार को आसाराम समर्थकों ने मीडिया के प्रति गुस्से का इजहार भी किया।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि ऐसे मामलों में मीडिया ट्रायल शुरू हो जाता है, लेकिन जिस व्यक्ति की छवि की नुकसान पहुंचता है उसकी भरपाई कौन करेगा। विजयवर्गीय ने कहा कि उनकी शिकायत करने वाली बेटी से पूरी सहानुभूति है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा ने तो यहां तक कहा कि आरोप लगाने वाला कौन है, इस बात पर भी गौर करना चाहिए। लोकतंत्र में जनता के चरणों में झुकना पड़ता है। संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि आसाराम षड़यंत्र के शिकार बने हैं और अंत में वह निर्दोष साबित होंगे।