पाकिस्तान के पेशावर में स्कूल पर हुए आतंकी हमले के मद्देनजर केंद्र सरकार ने देशभर के सभी स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इन निर्देशों में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया है कि आतंकी हमला होने पर क्या किया जाए और इससे कैसे बचा जाए। इसमें स्कूल के चारों ओर मजबूत कंक्रीट की दीवार बनाने, तीन से चार गेट होने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और साथ ही स्कूल के गेट पर 24 घंटे सुरक्षा गार्डों की तैनाती की बात कही गई है।
लश्कर आतंकी रिचर्ड हेडली की गिरफ्तारी के बाद 2010 में सीबीएसई ने निर्देश जारी किए थे, जिसे गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को दोबारा से जारी किया है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत जारी निर्देशों में बताया गया है कि स्कूल के बाहर बच्चों का अपहरण होने की स्थिति में क्या किया जाए। साथ ही गोलीबारी होने, हथियारबंद आतंकियों के स्कूल में घुस आने और बच्चों-शिक्षकों को बंधक बनाए जाने की स्थिति में क्या किया जाए।
स्कूलों से कहा गया है कि इस प्रक्रिया की मॉक ड्रिल कराई जाए और आतंकी हमले के खिलाफ खुद को तैयार रखा जाए। इसके साथ ही गेट पर फोन और बाउंड्री पर सीसीटीवी की उपलब्धता, गार्ड्स के बीच वॉकी-टॉकी संपर्क को भी जरूरी बताया गया है।
खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी जारी की है कि लश्कर-ए-ताइबा, सिमी और इंडियन मुजाहिदीन जैसे संगठन भीड़भाड़ वाले इलाकों जैसे स्कूल, मॉल और रेलवे स्टेशनों को निशाना बना सकते हैं।
ऐसी स्थिति में गृह मंत्रालय कोई खतरा नहीं उठाना चाहता है। इसलिए उसने देशभर के सभी स्कूलों को दिशानिर्देश जारी कर ऐहतियात बरतने को कहा है।
ये हैं दिशानिर्देश
- स्कूलों में चारों ओर मजबूत कंक्रीट की दीवार हो, तीन से चार गेट होने चाहिए
- हर गेट पर कम से कम तीन गार्ड 24 घंटे तैनात रहें
- पुलिस कंट्रोल रूम और स्थानीय पुलिस स्टेशनों के टेलीफोन नंबर लिखे हों
- स्कूल के चारों ओर समुचित रोशनी का प्रबंध हो
- स्कूल की दीवारों पर लोहे की ग्रिल से तारबंदी हो ताकि कोई शख्स दीवार फांद कर अंदर न आ सके
- स्कूल की दीवार के साथ सीसीटीवी लगाए जाएं और परिसर के अंदर भी इन्हें लगाया जाए
- सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम तीन दिन तक सुरक्षित रखी जाए
- सीसीटीवी प्रणाली अलार्म को स्कूल के गेटों से जोड़ा जाए और ये स्वत: काम करने वाले हों