अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार सिंघल की अदालत ने शुक्रवार को भगवतीपुर हत्याकांड के मामले में दो आरोपियों ओमबीर और सुनील को दोषी करार देते हुए उम्र कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना अदा न करने पर हत्यारों को छह-छह माह अतिरिक्त कैद काटनी होगी। साथ ही शस्त्र अधिनियम के तहत 3-3 साल की कैद, 2-2 हजार रुपये जुर्माना और जुर्माना अदा न करने पर 3-3 माह की अतिरिक्त कैद होगी।
अदालत ने आदेश दिए हैं कि दोनों दोषियों की ओर से पीड़ित पक्ष को 50-50 हजार रुपये हर्जाना अदा करना होगा। हालांकि इस मामले में छह अन्य आरोपियों को बृहस्पतिवार को साक्ष्यों के अभाव में बरी हो गए। इनमें सन्नी, संसार, सतीश, सत्यवान, सुमित्रा और जयपति शामिल हैं। चार साल पहले थाना लाखनमाजरा के गांव भगवतीपुर में जयप्रकाश की हत्या हुई थी। जय प्रकाश की हत्या के बाद मामले के मुख्य गवाह उसके पिता जगत सिंह की की चार दिसंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं इन दोनों हत्या की वारदातों के आरोप में भगौड़ा हो चुके इनामी बदमाश जगदीप को पुलिस ने 5 दिन पहले गिरफ्तार किया है।
ये है मामला
थाना लाखनमाजरा अंतर्गत गांव भगवतीपुर निवासी जगत सिंह के बेटे जयप्रकाश की 4 नवंबर 2010 को दिवाली के समय उसके घेर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके पिता जगत सिंह ने बयान दिया था कि वह शाम को करीब सात-साढ़े सात बजे के आसपास अपने घेर में जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसका चचेरा भाई जयपाल भी बैठा हुक्का पी रहा था और उसे रोक लिया। उसने बताया कि वह घेर में जा रहा है। चचेरे भाई ने जगत को बताया कि जयप्रकाश भी अभी घेर में गया है और उसके पीछे जगदीप, ओमबीर व सुनील भी गए हैं। उन्होंने कहा कि जब वह घेर में पहुंचा तो भीतर से गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी और तीनों हाथ में पिस्तौल लिए बाहर भागते हुए आए। उन्होंने मुझे धक्का मारा और वहां से फरार हो गए। गंभीर घायल हालत में जयप्रकाश को पीजीआई में दाखिल कराया, जहां उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर दो आरोपियों ओमबीर निवासी भगवतीपुर और सुनील उर्फ मटरू निवासी रोहतक को गिरफ्तार कर लिया। जबकि मुख्य आरोपी जगदीप फरार होने में कामयाब हो गया। पुलिस ने अदालत में उसे भगौड़ा घोषित कराया। बाद में उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित हो गया। मामले की जांच में सामने आया कि जींद में एक प्लाट के पैसे के लेन-देन को लेकर जयप्रकाश की हत्या की गई थी।
फरार आरोपी ने 15 दिन पहले कर दी पिता की हत्या
जयप्रकाश की हत्या के मामले में उसके पिता जगत सिंह व उसका चचेरा भाई जयपाल मुख्य गवाह थे। 4 दिसंबर को मामले को लेकर अदालत में पेशी थी। पेशी भुगतकर जब वह रोहतक कोर्ट से गांव के बिजलीघर के पास पहुंचे तो कार सवार युवकों ने उन्हें रोक लिया। कार में से उतरे दो युवकों ने जगत सिंह पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी। बताया गया इस हत्याकांड को अंजाम जयप्रकाश की हत्या मामले में फरार चल रहे आरोपी जगदीप ने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था।