त्रिपुरा सरकार ने सेना को विशेष अधिकार देने वाला विवादित कानून आफस्पा को 18 साल बाद हटा दिया है।
समाचार एजेंसी पीटीआई ने मुख्यमंत्री माणिक सरकार के हवाले से कहा है कि बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इसे हटाने का फैसला किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा, "हमने प्रभावित इलाकों के हालात की हर छह महीने समीक्षा की। इस मामले पर राज्य पुलिस और राज्य में तैनात सुरक्षाबलों से चर्चा भी की गई।" राज्य में वामपंथी पार्टी की सरकार है।
हिंसा का दौर खत्म
उन्होंने कहा कि अब राज्य में हिंसा की समस्या करीब खत्म हो गई है। इसलिए इस कानून की अब कोई जरूरत नहीं है। हम जल्द ही इस संबंध में अधिसूचना जारी करेंगे।
त्रिपुरा में अलगाववादी हिंसा बढ़ने के बाद 16 फरवरी 1996 को आफस्पा लगाया गया था। जिस समय आफस्पा राज्य में लागू किया गया था, उस समय वहां केवल 42 पुलिस थाने थे। इनमें से दो-तिहाई पुलिस थानों में ये कानून लागू था।
इस समय त्रिपुरा में 74 पुलिस थाने हैं। आफस्पा इनमें से 26 पुलिस थानों में पूरी तरह और चार में आंशिक रूप से लागू था।