कोलगेट मामले में सीबीआई स्टेटस रिपोर्ट को सरकार के साथ साझा न किए जाने का विवादास्पद बयान सुप्रीम कोर्ट में देने वाले अतिरिक्त महाधिवक्ता हरेन रावल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
इस मुद्दे पर वह पहले अधिकारी हैं, जिन्होंने अपना पद छोड़ा है। कानून मंत्री अश्वनी कुमार को रावल ने अपना इस्तीफा सौंपा।
इस मसले पर उन्होंने कहा, 'मैंने आज कानून मंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।'
उनका यह इस्तीफा अटॉर्नी जनरल जीई वाहनवती को भेजे गए पत्र के ठीक एक दिन बाद आया है, जिसमें रावल ने कहा था कि उन्हें इस मामले में बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
साथ ही शीर्ष विधि अधिकारी पर कोल ब्लॉक आवंटन घोटाला मामले की सीबीआई जांच रिपोर्ट में हस्तक्षेप करने का आरोप भी लगाया गया था।
रावल ने कहा कि पत्र लिखने के मामले में उन्हें कोई अफसोस नहीं है, जिसमें कहा गया कि 6 मार्च की कानून मंत्री के साथ हुई बैठक में वाहनवती भी मौजूद थे। इस बैठक में ही जांच की स्टेटस रिपोर्ट के मसौदे की सामग्री को साझा किया गया था।
बैठक में रिपोर्ट की सामग्री को साझा किए जाने के सवाल पर रावल ने कहा, 'जी हां, मैं अटॉर्नी को भेजे गए पत्र में लिखे गए तथ्य पर कायम हूं।'
उन्होंने विधि अधिकारी के तौर पर मौका दिए जाने के लिए यूपीए-2 सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
रावल ने कहा कि उनका एएसजी पद का कार्यकाल बहुत अच्छा रहा।
गौरतलब है कि उन्हें 4 जुलाई, 2009 को सरकार ने विधि अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया था।