महज ढाई गज जमीन की कीमत जिंदगी से भी ज्यादा हो सकती है, ये बात उत्तरप्रदेश के बिजनौर में रहने वाली अंशु को नहीं पता थी।
जमीन के विवाद और गंदी नजर का शिकार हुई अंशु पर मोहल्ले के ही एक व्यक्ति ने तेजाब उड़ेल दिया था जिससे उसकी एक आंख की रोशन चली गई। इलाज में पिता के सिर पांच लाख का कर्ज बंध गया। अंशु के अनुसार कभी-कभी उसकी बायीं आंख से खून टपकने लगता है।
इतना सब होने के बाद भी उसे न तो न्याय मिला है और न ही मुआवजा। आरोपी मुकदमा वापस लेने और गांव से भगाने की धमकी दे रहे हैं। अब पीड़िता ने राज्य महिला आयोग की सदस्या विनीता उत्तम से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
5 लाख रुपए का कर्ज
स्योहारा थाने के गांव आबिदनगर धूंधली निवासी गजराज सिंह की 17 वर्षीय बेटी अंशु ने बताया कि पड़ोस के ही कपिल शर्मा से पिता का ढाई गज जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
12 फरवरी 2014 को कपिल से पिता का विवाद हो गया। उसके दादा की उम्र का कपिल उस पर गंदी नजर रखता था। रात को सोते समय उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया।
उसे 25 दिन तक मेरठ के सरकारी अस्पताल में रखा गया। बायीं आंख की रोशनी चली गई और दायीं आंख की रोशनी भी नाम की ही बची है। झुलसे शरीर पर नई त्वचा न आने के कारण चिकित्सकों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया।
दिहाड़ी मजदूरी करने वाले पिता की हैसियत दिल्ली ले जाने की नहीं थी, तो उसे घर ले आए और चांदपुर के एक गांव में इलाज कराना शुरू किया। अब तक उसके इलाज में पिता के सिर पर पांच लाख रुपये का कर्जा बंध चुका है।
12 फरवरी 2014 को कपिल से पिता का विवाद हो गया। उसके दादा की उम्र का कपिल उस पर गंदी नजर रखता था। रात को सोते समय उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया।
उसे 25 दिन तक मेरठ के सरकारी अस्पताल में रखा गया। बायीं आंख की रोशनी चली गई और दायीं आंख की रोशनी भी नाम की ही बची है। झुलसे शरीर पर नई त्वचा न आने के कारण चिकित्सकों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया।
दिहाड़ी मजदूरी करने वाले पिता की हैसियत दिल्ली ले जाने की नहीं थी, तो उसे घर ले आए और चांदपुर के एक गांव में इलाज कराना शुरू किया। अब तक उसके इलाज में पिता के सिर पर पांच लाख रुपये का कर्जा बंध चुका है।
शासन से नहीं मिले तीन लाख
चिकित्सक इलाज का खर्चा आठ लाख रुपये बता रहे हैं, जबकि शासन द्वारा सहायता के रूप में मिलने वाले तीन लाख रुपये आज तक नहीं मिले। अंशु की मां धर्मवती ने बताया इलाज में आर्थिक तंगी आड़े आ रही है।
इस मामले में राज्य महिला आयोग की सदस्या विनीता उत्तम का कहना है कि मुआवजे की फाइल को तुरंत आगे बढ़वाया जाएगा। पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद की जाएगी। आरोपी के परिवार वालों द्वारा बनाए जा रहे दबाव के मामले में त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
वहीं एसडीएम अंजूलता ने भी यह आश्वासन दिया है है कि अंशु की फाइल शासन को भेज चुकी हैं। शासन से रुपये आते ही अंशु की मदद की जाएगी।