ग्वालियर की महिला अतिरिक्त जिला और सत्र जज की ओर से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के ग्वालियर बेंच के एक जज पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद आरोपी जज ने सोमवार को कहा कि दोषी पाए जाने पर वह फांसी पर भी लटकने के लिए तैयार हैं।
इस बीच, प्रधान न्यायाधीश आरएम लोढ़ा ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा है कि इसे ऐसे ही नहीं छोड़ा जाएगा। महिला जज ने पद छोड़ने के बाद शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिखकर इस्तीफा देने के लिए मजबूर होने के कारणों बारे में बताया है।
आरोपी हाईकोर्ट के जज ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर आरोपों को झूठा करार दिया। उन्होंने सीबीआई और अन्य किसी भी एजेंसी से जांच का सामना करने की इच्छा भी जाहिर की।
जस्टिस लोढ़ा बोले ये एक गंभीर मसला है
हालांकि उन्होंने यह भी लिखा है कि वह किसी भी अदालत में मुकदमे का सामना करने के लिए तैयार नहीं है। पत्र को प्रधान न्यायाधीश के पास भेज दिया गया है।
इसके बाद जस्टिस लोढ़ा ने कहा कि रजिस्ट्री ने उन्हें सूचित किया है कि उसे इस मसले पर ई-मेल मिले हैं। उन्होंने कहा कि मामले के ऐसे ही नहीं छोड़ा जाएगा। यह एक बेहद गंभीर मसला है। सभी पक्षों के बयान पर ध्यान दिया जाएगा।
इस बीच, पूर्व सॉलिसिटर जनरल इंदिरा जय के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ताओं के एक समूह ने प्रेस कांफ्रेंस कर हाईकोर्ट के आरोपी जज के खिलाफ महाभियोग चलाने और शिकायत की पूरी जांच कराने की मांग की है।
उधर, आरोपी जज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग के लिए शीर्ष अदालत में एक जनहित याचिका भी दाखिल की गई है।
क्या है मामला
महिला जज ने राष्ट्रपति, प्रधान न्यायाधीश और कानून मंत्री को पत्र लिखकर फरवरी में एक न्यायिक अधिकारी की शादी की सालगिरह का जिक्र किया है, जिसमें हाईकोर्ट के जज ने महिला जज से उनकी 16 साल की बेटी के सामने कहा, ‘आपका काम बेहतरीन है, लेकिन आप अपने काम से कहीं ज्यादा खूबसूरत हैं।’
महिला जज ने आगे लिखा है कि पिछले साल दिसंबर में एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी की पत्नी ने फोन कर उनसे कहा कि हाईकोर्ट के जज अपनी शादी की सालगिरह पर एक आइटम सांग पर उनका डांस देखना चाहते हैं।
भाजपा कार्यकर्ताओं का हंगामा
इसके बाद भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल और विधायक रविंद्र भड़ाना समेत हिंदू संगठन और भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया।
इसके बाद ग्राम प्रधान नवाब पुत्र यासीन, सनाउल्ला पुत्र बकाउल्ला, निशात पुत्री हसमत, समरजहां पत्नी सनाउल्ला और हाफिज जी निवासी मदरसा हापुड़ तथा चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज हुआ था।