आम आदमी पार्टी ने अभी रणनीति बनाना ही शुरू किया है लेकिन इसकी धमक अभी से राज्य में सुनाई देने लगी है। कांग्रेस सांसद संजय निरुपम ने अपने ही सरकार को चिट्ठी लिखकर कहा है कि वह बिजली के दामों को कम करे। घोटालों का दंश झेल रही कांग्रेस के लिए आने वाला चुनाव कठिन हो सकता है। एनसीपी नेता अजित पवार अपने बयानों के कारण बदनाम हैं। तो शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का एक ही हथियार है मराठी कार्ड।
मीरा सान्याल के रूप में आप को सशक्त दावेदार मिला है। मीरा पार्टी से कह भी चुकी हैं कि वह दक्षिण मुंबई सीट से चुनाव लड़ना चाहती हैं। 48 सीटों वाले महाराष्ट्र में 17 सीट कांग्रेस के पास, शिव सेना के पास 11, बीजेपी के पास 9, एनसीपी के पास 8 सीटें हैं।
दिल्ली की सभी सीट जीतने की कोशिश करेगी आप
दिल्ली में सरकार बनाने के बाद आम आदमी पार्टी का अगला लक्ष्य लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सातों सीट जीतने का होगा। अपनी साफ सुथरी छवि के कारण और बिजली-पानी जैसे मुद्दों को जनता के बीच ले जाकर वह उनके वोटों की सबसे बड़ी हकदार बन गई है। अरविंद केजरीवाल और उसकी टीम के इरादे बुलंद हैं। फिलहाल दिल्ली की सातों सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है।
हरियाणा में हुड्डा का रथ रोकेंगे योगेंद्र यादव!
10 लोकसभा सीटों वाले हरियाणा के लिए योगेंद्र यादव ने खास रणनीति बनाई है। मुख्यमंत्री हुड्डा की हैट्रिक को रोकने के लिए योगेंद्र यादव ने अभी से हरियाणा में सभाएं करनी शुरू कर दी हैं। अरविंद केजरीवाल और योगेंद्र यादव दोनों का जन्म हरियाणा का है, इस कारण वोटरों का इनकी ओर झुकना भी लाजिमी है। 2009 में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 9 और निर्दलीय का 1 सीट मिली थी।
यूपी में खेल बिगाड़ सकती है आप!
भारतीय राजनीति की पुरानी कहावत कहती है कि दिल्ली की सत्ता की चाबी यूपी के रास्ते होकर गुजरती है। आम आदमी पार्टी ने राहुल गांधी के खिलाफ हल्ला बोल अपने वोटरों को रिझाना शुरू कर दिया है। यूपी की 80 सीटों पर सभी की निगाहें हैं। बीजेपी अपना तो कांग्रेस अपना हिस्सा देख रही है। इसके साथ समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी की अपनी हिस्सेदारी हैं। इन सबसे अलग आप को अपना रास्ता बनाना होगा।
2009 चुनावों में सपा को 23, कांग्रेस को 21, बीएसपी को 20, बीजेपी को 10 और बाकी के 6 सीट अन्य को मिली थी।
साफ सुथरी छवि कर्नाटक में काम आएगी!
दिल्ली और हरियाणा के बाद सबसे ज्यादा अगर किसी राज्य से आम आदमी पार्टी को आस है तो वह कर्नाटक। कर्नाटक की राजधानी बैंगलोर से पार्टी को बड़े बड़े नाम मिले हैं। इस कारण पार्टी का राज्य में जनाधार बढ़ रहा है और पार्टी को उम्मीद है कि लोकसभा चुनाव में वह ज्यादा से ज्यादा सीटें निकाल कर राष्ट्रीय राजनीति में छा जाएंगे। भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे येदियुरप्पा बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। आप इसको मुद्दा बनाकर बीजेपी को घेरेने की कोशिश करेगी। वर्तमान में 28 सीटों वाले कर्नाटक में बीजेपी के 19 तो कांग्रेस के पास 6 सीटें हैं।