दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के समर्थकों को सोमवार को अप्रैल फूल बना दिया।
लाखों पत्रों के साथ समर्थकों को मुख्यमंत्री आवास तक जाने से रोकने की पुलिस ने पहले सुंदर नगरी में कोशिश की। इसमें नाकाम रही पुलिस ने सैकड़ों समर्थकों को प्रगति मैदान के पास रोक लिया। पार्टी समर्थक सड़क पर बैठ गए।
करीब दो घंटे बाद पुलिस ने चुनिंदा लोगों को मुख्यमंत्री आवास जाने की इजाजत देते हुए उन्हें ले जाने के लिए चार बसों का इंतजाम किया, लेकिन मुख्यमंत्री आवास की जगह पार्टी समर्थकों को आईपी स्टेट के पास रिंग रोड पर छोड़ दिया गया। इससे नाराज समर्थकों ने करीब एक घंटे तक रिंग रोड पर हंगामा किया। आखिर में सभी सुंदर नगरी लौट गए।
इससे पहले मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने से रोकने के लिए पुलिस ने भरसक कोशिश की, लेकिन अधिकारी अरविंद केजरीवाल को राजी नहीं कर सके। करीब 11:30 बजे बिजली बिल का भुगतान न करने के करीब आठ लाख शपथ पत्रों के साथ पार्टी समर्थकों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया।
काफिले में 272 ऑटो व प्राइवेट वाहन शामिल थे। प्रगति मैदान के नजदीक भैरो मंदिर के पास पहुंचने पर पुलिस ने इन्हें आगे जाने की इजाजत नहीं दी। इसके बाद करीब दो घंटे तक लोगों ने सड़क पर प्रतिरोध किया। करीब 2:30 बजे पुलिस ने 272 वार्ड प्रतिनिधियों को बगैर ऑटो के मुख्यमंत्री आवास तक जाने की इजाजत दे दी।
इनके लिए चार सरकारी बसों का इंतजाम किया गया। लाखों पत्रों के साथ आम आदमी पार्टी के समर्थक बसों में सवार होकर चले। पुलिस की घेराबंदी के बीच काफिला आगे बढ़ा, लेकिन मथुरा रोड की तरफ जाने की जगह पुलिस इन्हें रिंग रोड पर ले गई।
इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन के पास पहुंचते ही पुलिस की ओर से मनीष सिसोदिया व संजय सिंह को जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री आवास पर नहीं हैं। सभी को जंतर-मंतर ले जाया जाएगा। इसके बाद पार्टी समर्थकों की पुलिस से तीखी बहस हुई। मनीष सिसौदिया और संजय सिंह ने दिल्ली पुलिस पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
इसके बाद नारेबाजी करते हुए समर्थक रिंग रोड पर बैठ गए। इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। इसके बाद पार्टी नेताओं ने आपस में सलाह मशविरा किया और एक घंटे बाद सुंदर नगरी लौट गए।
'दिल्ली सरकार 272 ‘डाकियों’ से डर गई है। उसने अपनी निजी अंगरक्षक दिल्ली पुलिस को पहरे पर बैठा दिया है, लिहाजा पार्टी ने फैसला किया है कि अरविंद का उपवास खत्म होने के बाद लाखों पत्रों के मालिक खुद शीला दीक्षित का भविष्य बांचकर आएंगे।'
- मनीष सिसौदिया