बिधनू में बुधवार देर रात घर में सो रहे तीन वर्षीय बच्चे को सूअर ने चबा लिया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को सूचना दिए बिना परिवारीजनों ने बच्चे के शव को दफना दिया।
मझावन कस्बा निवासी बालकिशन रैदास मजदूरी करता है। आशू उसका इकलौता बेटा था। दो साल पहले घरेलू कलह के बाद बालकिशन की पत्नी सुनीता उसे छोड़ कर मायके चली गई थी। परिवार में छोटे भाइयों गोविंद व हरिराम के साथ बालकिशन बेटे की देखभाल करता था।
बालकिशन के मुताबिक पड़ोस में रहने वाले सूअर पालक कैलाश का एक सूअर बुधवार रात साढ़े दस बजे घर में घुस आया। बाहर के कमरे में आशू सो रहा था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य रसोई में खाना खा रहे थे। सूअर ने सो रहे आशू पर हमला बोल दिया। चीख सुनकर भाइयों के साथ वह कमरे में पहुंचा तो देखा सूअर आशू को दबोचे था।
काफी प्रयास के बाद भी उसने बेटे को नहीं छोड़ा। फिर मुहल्ले के लोगों की मदद से लाठियां मारकर सूअर को घर से खदेड़ा। तब तक सूअर बेटे के पेट और जांघ का काफी मांस नोच चुका था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने आशू को मृत घोषित कर दिया।