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7 ऐसे आपत्तिजनक विज्ञापन, जो हो गए प्रतिबंधित

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विज्ञापनों का उद्देश्य होता है माल बेचना। चाहे वो अखबार में हो या फिर टेलीविजन पर या फिर रेडियो पर। माल के रूप में कभी उपभोक्ता उत्पाद होते हैं, कभी कोई नई स्कीम तो कभी किसी नेता-अभिनेता का व्यक्तित्व।
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कहते हैं कि अच्छा विज्ञापन वो होता है जो आखिर में लोगों को उस सामान या उत्पाद की ओर खींच ले। लेकिन ग्राहकों को लुभाने के फेर में कई बार विज्ञापन शालीनता की सीमा रेखा लांघ जाते हैं और तब होती है इसकी शिकायतें।

वैसे तो बहुत से विज्ञापनों पर समय समय पर प्रतिबंध लगाया गया लेकिन हम उन सात विज्ञापनों की चर्चा कर रहे हैं जो अपने विषय वस्तु के कारण विवादित भी रहे और उन पर प्रतिबंध भी लगाया गया।
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एसी ब्लैक विस्की

इस विज्ञापन की टैगलाइन थी - कुछ भी हो सकता है।

इस विज्ञापन में एक युवक को विस्की पीते हुए दिखाया गया था। युवक विस्की पीते हुए दूसरी तरफ खड़ी एक महिला को देखता है। एक घूंट पीते ही वह महिला के कपड़ों को गले से नीचे खिसकता पाता है। युवक जैसे-जैसे विस्की के घूंट भरता है, वैसे-वैसे महिला के कपड़े और नीचे होते जाते हैं।

महिला भी यही क्रम दोहराती है। महिला, पुरूष की तरह ही विस्की का घूंट लेती है। विस्की की एक-एक घूंट के साथ युवक की शर्ट खुलती जाती है।

हालांकि यह शराब का विज्ञापन था लेकिन यह इशारा कुछ और ही करता था। इस विज्ञापन को कुछ ही दिनों बाद प्रतिबंधित कर दिया गया था।

अमूल माचो अंडरगारमेंटस

विवादस्पद विज्ञापनों की लाइन में अमूल माचो अडंरगारमेंटस का विज्ञापन काफी चर्चा में रहा। बाद में विज्ञापन को विज्ञापन समिति ने बैन कर दिया।

विज्ञापन को प्रतिबंधित किये जाने का प्रमुख कारण विज्ञापन का टैगलाइन रहा। विज्ञापन की टैग लाइन था - ये तो बड़ा टॉइन है। विज्ञापन में महिला एक पुरुष का अंडरवियर धो रही है और उसको शरारत के साथ एक इशारा करते हुए दिखाया गया है। ऐसा प्रतीत होता था कि वह महिला कुछ और ही इशारे कर रही है।

यह इशारा अश्लील था। इस विज्ञापन को भारतीय इतिहास में सबसे अश्लील विज्ञापनों में से एक माना गया। हांलाकि कंपनी ने विज्ञापन के चलते सिर्फ सन् 2007 -2008 के बीच में ही 201 करोड़ का अतिरिक्त कारोबार किया था।

एक्स - चॉकलेट मैन

इस विज्ञापन को मुबंई की हिंदुस्तान लिवर लिमिटेड कंपनी ने बनाया था। परंतु आप‌त्तिजनक दृश्यों के कारण भारत सरकार ने इसें प्रतिबंधित कर दिया।

इस विज्ञापन में एक पुरूष को दर्शाया गया था। जो अपने शरीर पर एक्स डार्क ‌टेम्पटेशन डियोडेंट का स्प्रे करता है। स्प्रे करते ही उस पुरूष का शरीर चॉकलेट में परिवर्तित हो जाता है।

वह शहर में कहीं भी जाता है। सभी महिलाएं उसके पास आती है, वह चॉकलेट मैन बनकर सबको अपने शरीर से तोड़कर चोकलेट देता है।
 
विज्ञापन के ‌अंतिम हिस्से में कुछ महिलाओं को उस पुरूष के शरीर के अनेक हिस्सों को काटते-चांटते दर्शाया गया है।

दर्शकों ने इस विज्ञापन में आपत्ति जताई। दर्शकों की शिकायत के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इस विज्ञापन को प्रतिबंधित कर दिया।

कामसूत्र कंडोम

90 का दशक आपत्तिजनक विज्ञापनों के कारण काफी चर्चित रहा। 90 के दशक में अनेक विज्ञापनों को प्रतिबंधित किया गया।

पूजा बेदी पर दर्शाया गया यह विज्ञापन भी आपत्तिजन‌क दृश्यों के कारण प्रतिबंधित किया गया।

स्नान करती महिला अपने पुरुष साथी को कामोत्तेजक इशारे करके अपनी ओर बुलाती है। इस विज्ञापन में पूजा बेदी और मार्क रॉबिनसन ने काम किया था। इस विज्ञापन को तुंरत ही प्रतिबंधित कर दिया गया था।

लक्स कोज़ी

लक्स कोजी अंडरगारमेंटस के इस विज्ञापन में एक कुत्ता, युवती और युवक को दिखाया गया है। युवक अपने शरीर पर एक तौलिया लपेटता है। जिसे एक कुत्ता खींच लेता है। युवक उस कुत्ते से तौलिया लेने के लिए उसके पीछे भागता है।
 
वह कुत्ते को पकड़कर गोद में उठा लेता है। तभी एक लड़की आती है और अपने कुत्ते को लड़के के हाथ से लेते हुए उसका चुंबन लेती है।
दर्शाया गया है कि लड़की की नजर इस लड़के के अंडरगारमेंट्स पर रहती है।

इस विज्ञापनों में अश्लील दृश्यों के चलते सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने इसे प्रतिबंधित कर ‌दिया।

वीआईपी फ्रेंची एक्स अंडरवियर

विज्ञापनों को कलात्मक रूप देने के लिए बड़ी मेहनत और सोच के साथ अंतिम रूप दिया जाता है। यह सोचकर कि इसके परिणाम अच्छे रहेंगे। यह उत्पाद की ब्रिकी को बढ़ाने मे मददगार साबित होते है। परंतु कई बार विज्ञापनों के घातक प्रभाव के चलते इन्हें प्रतिबंधित करना पड़ता है। ठीक वीआईपी फ्रेंची के इस विज्ञापन में भी यही हुआ।

इस विज्ञापन में एक युवा युगल लंबे टूर पर जाते दिखाए गए हैं। वे एक कैंप लगाते हैं। बाद में युगल को अटखेलिया करते दिखाया गया है। युवक बेडरूम में अंडरवियर में है। तभी युवती भी बेडरूम में आती है। विज्ञापन के अंत में युगल को एक साथ बाथरूम से अंडरवियर में निकलते दिखाया गया है।

अंडरवियर पर वीआईपी एक्स लोगो को स्कीन पर बडे रूप में दिखाया गया है। इस विज्ञापन में सेक्स को माध्यम बनाया गया है। और इस माध्यम से उत्पाद को बेचने की कोशिश की गई है।

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वाइल्ड स्टोन डीओडरेंट

कुछ विज्ञापन ऐसे रहे जो कलात्मक व आकर्षक तो थे लेकिन इसके विषय वस्तु की वजह से दर्शकों ने उन्हें नकार दिया। इस विज्ञापन को भी दर्शको ने नकार दिया।

यह विज्ञापन 2007 में प्रसारित किया गया।

इस विज्ञापन में दुर्गा पूजा को दर्शाया गया है। एक पुरूष वाइल्ड स्टोन डियोंडरेंट लगाकर कमरे से निकलता है। जिसमें एक महिला टकराती है। इसके बाद दोनों को सहवास करते दिखाया गया है।

विज्ञापन अपनी टैग लाइन को पूरी तरह स्पष्ट करता है। इस विज्ञापन की टेग लाइन 'वाइल्ड बाई नेचर' है। इस विज्ञापन के अंतिम भाग पर आंपत्ति जताई गई। सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने इसके अंतिम भाग को प्रतिबंधित किया। विज्ञापन पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं किया गया।
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