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सीमा विवाद के मुद्दे को जल्द सुलझाए चीन: पीएम मोदी

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वर्षों से चल रहे सीमा विवाद को जल्द से जल्द भारत और चीन को मिलकर सुलझा लेना चाहिए। इससे दोनों देशों के रिश्तों में और अधिक सुधार आएगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में चीन के राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए उन्हें बहुत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि बतौर प्रधानमंत्री मैं दोनों देशों के संबंधों को प्राथमिकता देता हूं। दोनों ही देशों की प्राचीन सभ्यताएं हैं।

दोनों देश सबसे बड़ी आबादी वाले देश होने के साथ ही विकासशील देश भी हैं। विश्व में दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास होना चाहिए। सीमा पर शांति बनी रहनी चाहिए। इससे दोनों ही देशों का फायदा है। इससे दोनों देशों के संबंध अच्छे रहेंगे।
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मोदी ने कहा कि पिछले दो दिनों में भारत-चीन के विषयों पर बातचीत करने का मौका मिला। हमने तय किया है कि अपने बयान को हर स्तर पर बढाएंगे और बातचीत का रिश्ता बनाए रखा जाएगा।

दोनों ही देशों का विचार है कि हमारे व्यापार की गति कम हुई है। भारत का व्यापार घाटा भी बढ़ा है। हमने अनुरोध किया है कि हमारी कंपनियों को चीन में निवेश के बेहतर मौके उपलब्ध कराएं जाएं।

20 अरब डॉलर का निवेश करेगा चीन

संबंधों में सुधार की पहल में भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्‍चरिंग सेक्टर में निवेश करने के लिए चीन को आमत्रिंत किया गया है। उन्होंने आने वाले 5 साल में 20 अरब डॉलर का निवेश करने का फैसला किया है। चीन भारत में दो इंडस्ट्रियल पार्क के निर्माण में भारत की मदद करेगा।

भारत और चीन के बीच हुई 5 वर्षीय आर्थिक नीति योजना पर समझौता हुआ है। कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए एक और रास्ता खोलने की मंजूरी चीन ने दी है। अब नाथुला के तहत दूसरे रास्ते से सड़क के रास्ते से लोग कैलाश मानसरोवर की यात्रा कर सकेंगे। यह रास्ता उत्तराखंड वाले रास्ते से अलग एक रास्ता होगा।

सीमा पर हुई घटनाओं को लेकर अपनी चिंता से चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग को मोदी ने अवगत कराया है। साथ ही यह बात भी कही है कि जल्द ही दोनों देशों के बीच भारत-चीन के बीच चल रहे ‌सीमा विवाद को हल करना होगा।

दोनों देशों के बीच एलएसी के विवाद को जल्द से जल्द सुलझा लिया जाना चाहिए। यह एलएसी विवाद काफी समय से रुका हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैंने चीन की वीजा पॉलिसी और ट्रांस विजिट पॉलिसी पर भी अपनी चिंता जाहिर की है।

आतंकवाद और अतिवाद के लेकर दोनों ही देशों के बीच सहयोग बढ़ाया जाएगा। एशिया के विभिन्‍न क्षेत्रों को जोड़ने से पूरे विश्‍व में एशिया की ताकत बढ़ेगी। पूरे एशिया में ‌विश्‍वास बहाली की जानी चाहिए जिससे सभी देशों के लिए तरक्की का रास्ता खुलेगा।

आपसी सहमति से सुलझा लेंगे सीमा विवाद

चीन के राष्ट्रपति ‌शी जिनपिंग ने कहा कि भारत में विकास की अपार संभवनाएं हैं। भारत-चीन शांति के जरिए आपसी विकास करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की अपार संभावनाएं हैं।

जिनपिंग ने कहा कि पीएम मोदी के साथ हमारे संबंध अच्छे रहेंगे। पीएम मोदी को अगले साल चीन आने का न्यौता भी दिया है। भारत और चीन पूरी दुनिया में उभरते हुए बाजार और शक्तियां हैं।

भारत और चीन के बीच जिन मुद्दों पर विवाद है। उन्हें आपस में मिलकर सुलझा लिया जाएगा। भारत और चीन की बीच सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आदान-प्रदान किया जाएगा। चीन गोवा फिल्म फेस्टिवल और दिल्‍ली बुक फेयर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा।

साथ ही चीन के अच्छे शिक्षकों को भारत भेजेगा जिससे भारत में चीनी भाषा को सीखने में काफी फायदा होगा। गुजरात और महाराष्ट्र में दो इंडस्ट्रियल पार्क लगाने में भी मदद करेगा।

चीन राष्ट्रपति ने कहा कि सीमा विवाद से दोनों देशों के संबंधों में कोई असर नहीं पड़ा है। जल्द ही सीमा ‌विवाद को आपसी सहमति से सुलझा लिया जाएगा।

मोदी-जिनपिंग मुलाकात पर बोले दलाई लामा

इस बीच तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का भी बयान आया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि,"भारत और चीन की दोस्ती एशिया के लिए अच्छी है।"

उन्होंने कहा कि भारत से चीन को बहुत सी बातें सीखनी चाहिएं। उन्होंने कहा कि,"हमें चीन की कठोरवादी व्यवस्था में भरोसा नहीं है।"

उल्लेखनीय है कि तिब्बती शरणार्थी लगातार चीनी राष्ट्रपति की यात्रा का विरोध करते आए हैं। बुधवार को भी तिब्बतियों ने दिल्ली में प्रदर्शन किया था और गुरुवार को भी यात्रा के विरोध में पोस्टर लगाने की कोशिश की।

हैदराबाद हाउस के बाहर तिब्बती प्रदर्शन

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग तीन दिवसीय दौरे पर भारत के दौरे पर आए हुए हैं। उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और विदेशमंत्री से मुलाकात की।

दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में मोदी और जिनपिंग ने मुलाकात की। तिब्बती प्रदर्शनकारियों ने हैदराबाद हाउस के बाहर चीनी राष्ट्रपति का विरोध किया।

प्रदर्शनकारियों ने भवन के बाहर खंबों पर तिब्बती झंडा लगा दिया था जिसे पुलिस ने उतार दिया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।


सुषमा स्वराज से जिनपिंग की मुलाकात

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गुरुवार को भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। सुषमा स्वराज ने उनसे कहा,"मैं भारत में आपका गर्मजोशी से स्वागत करती हूं।" इससे पहले जिनपिंग को राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर का सम्मान दिया गया। जिनपिंग महात्मा गांधी की समाधि राजघाट भी गए और फूल अर्पित किए।


भारत-चीन के रिश्ते आगे ले जाएंगे: जिनपिंग

जिनपिंग शुक्रवार को अपने देश रवाना हो जाएंगे। गुरुवार को भारतीय राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात के बाद जिनपिंग ने मीडिया से भी बात की।

उन्होंने कहा कि वह भारत और चीन के रिश्तों को आगे ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की जरूरत है।

जिनपिंग ने कहा कि हमें एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए और दोस्ती को आगे बढ़ाना चाहिए। शी ने कहा कि भारत और चीन संभावनाओं से भरे देश हैं और विकासशील होने के कारण उभरते हुए बाजार हैं।

राष्ट्रपति और मंत्रिमंडल से मुलाकात के बाद उन्होंने सुषमा स्वराज से बात की और फिर वे मोदी के साथ शिखर वार्ता के लिए चले गए।


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गुजरात में गुजारा जिनपिंग ने यात्रा का पहला दिन

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग बुधवार को अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंचे थे जहां मोदी ने उनका स्वागत किया। ऐसा पहली मर्तबा हुआ कि किसी भारतीय पीएम ने दिल्ली के बाहर जाकर विदेशी प्रमुख का स्वागत किया हो।

मोदी, जिनपिंग को गांधी नगर स्थित महात्मा गांधी मंदिर ले गए जहां उन्होंने चीनी राष्ट्राध्यक्ष को बापू से जुड़ी तमाम बातें बताईं।

जिनपिंग ने अपना पूरा दिन गुजरात में गुजारा और मोदी से तमाम मुद्दों पर बात की। चीनी राष्ट्रपति ने गुजराती व्यंजन भी चखे और गुजरात के शहरों को भी देखा। इसके बाद बुधवार शाम वे दिल्ली के लिए रवाना हो गए।




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