आमों की रानी कही जाने वाले प्रजाति नूरजहां केवल नाम से ही राजसी नहीं है। इसके तेवर भी वैसे ही हैं।
इस बार जब आम की फसल पर भी मौसम की मार का अंदेशा जताया जा रहा है तब नूरजहां प्रजाति न केवल इससे अछूती रहेगी बल्कि इसका वजन भी बढ़ जाएगा।
पिछले साल इस आम का औसत वजन 3.8 किलो था। इस बार यह करीब 4.2 किलो होगा। नूरजहां प्रजाति अपने आकार के लिए जानी जाती है। मूल रूप से यह प्रजाति भारत और अफगानिस्तान में पाई जाती है।
भारत में यह आम मध्य प्रदेश में अलीराजपुर जिले के काठियावाड़ा इलाके में ही होता है। आम के बाग के मालिक शिवराज सिंह लोधी ने बताया कि बारिश और ओलों के कारण आम की करीब 40 फीसदी फसल बर्बाद हो गई है।
हालांकि नूरजहां प्रजाति पर इसका असर नहीं पड़ा है। उन्होंने बताया कि इसके पेड़ पर दिसंबर में बौर आ जाती हैं और जून तक फल पूरी तरह तैयार हो जाती है।