नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) ने टीबी, बाल रोगों, पेनकिलर्स व अन्य बीमारियों से जुड़ी 52 दवाइयों की कीमत बढ़ाने पर रोक लगा दी है।
एनपीपीए अब तक 350 से अधिक दवाइयों की कीमतों पर अंकुश लगा चुका है। ये 52 दवाइयां भी अब इस श्रेणी में शामिल हो जाएंगी। भविष्य में सर्जरी से जुड़े उपकरणों की कीमतों की भी सीमा तय की जा सकती है।
एनपीपीए के मुताबिक जिन दवाइयों की कीमत निर्धारित की गई है उनमें मुख्य रूप से कैंसर, टीबी, चर्म रोग, अक्सर इस्तेमाल होने वाली एंटीबायोटिक्स व कई प्रकार के पेनकिलर्स शामिल हैं। इनमें से अधिकतर की बिक्री लुपिन, कैडिला हेल्थकेयर एंड मर्कजैसी कंपनियां करती हैं।