छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव जिले के एक गांव सांकरा की जाति पंचायत ने बलात्कार पीड़िता को बराबर का दोषी मानते हुए सात हज़ार रुपए का जुर्माना लगा दिया।
निषाद जाति की पंचायत ने आदेश दिया कि युवक हर महीने 500 रुपए और 35 किलो चावल पीड़िता को देगा। इस फैसले के बाद लड़की की लिखित शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, पांच महीने पहले 26 साल के अभियुक्त ने 24 साल की युवती के साथ बलात्कार किया था। जन्म से ही मूक-बधिर युवती जब गर्भवती हुई तो परिजनों को बलात्कार के बारे में पता चला।