सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखों प्रतियोगियों के लिए अच्छी खबर है।
केंद्र सरकार ने संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में किस्मत आजमाने वाले प्रतियोगियों को दो और मौके देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह नियम सभी वर्गों के प्रतियोगियों पर लागू होगा और इस पर अमल इसी साल से होगा।
कार्मिक मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा है कि केंद्र सरकार ने सिविल सेवा परीक्षा 2014 से सभी वर्गों के प्रतियोगियों को दो अतिरिक्त अवसर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
साथ ही कहा है कि यदि जरूरत पड़ी तो सभी वर्गों के प्रतियोगियों की अधिकतम उम्र सीमा में छूट भी मिलेगी।
सभी श्रेणियों के प्रतियोगियों को फायदा
इस साल सिविल सेवा परीक्षा (प्रारंभिक) 24 अगस्त को आयोजित की जाएगी। अभी तक सामान्य वर्ग के प्रतियोगी चार बार परीक्षा में बैठ सकते थे। हालांकि अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के प्रतियोगियों के लिए परीक्षा में बैठने पर कोई रोक नहीं थी।
सिविल सेवा परीक्षा 2013 के लिए जारी अधिसूचना के अनुसार, पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के प्रतियोगी अधिकतम सात बार परीक्षा में भाग्य आजमा सकते थे।
अधिसूचना के अनुसार, सामान्य वर्ग का प्रतियोगी के लिए निर्धारित उम्र 21 से 30 साल है। जबकि एससी/एससी वर्ग के प्रतियोगियों को पांच और ओबीसी को 3 साल की छूट मिली हुई है।
इसके अलावा यदि कोई प्रतियोगी 1 जनवरी 1980 से 31 दिसंबर 1989 के दौरान जम्मू और कश्मीर रहने वाले को अधिकतम उम्र में 5 साल की और छूट मिलती है।
कौन चुने जाते हैं?
सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन यूपीएससी कराता है। इसके जरिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के साथ अन्य अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों का चयन किया जाता है।
तीन चरणों में होती है परीक्षा
सिविल सेवा की परीक्षा तीन चरणों में होती है- प्रारंभिक, मुख्य और इंटरव्यू।
अभी तक मिलते हैं मौके
सामान्य - 4 (30 साल की उम्र तक)
ओबीसी - 7 (33 साल की उम्र तक)
एससी/एसटी - 21 से 35 साल की उम्र तक कितनी भी बार