प्रमोशन में आरक्षण पर केंद्र सरकार की नीतियों से नाराज प्रदेश के सामान्य व पिछड़े वर्ग के 18 लाख कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर चले गए हैं। नाराज कर्मचारी कोटा बिल के विरोध में शुक्रवार से राज्य के जिला मुख्यालयों पर धरना देंगे।
लखनऊ स्थित जीपीओ पार्क में सभा कर रहे आरक्षण विरोधी कर्मचारियों को जैसे ही राज्यसभा में प्रमोशन में आरक्षण पर पेश संविधान संशोधन विधेयक पर बहस शुरू होने की जानकारी मिली उनके साझा संगठन सर्वजन हिताय संरक्षण समिति ने आपात बैठक कर बेमियादी हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया।
समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने कहा कि इस विधेयक को जोर जबरदस्ती से पारित कराने की अलोकतांत्रिक कोशिश की जा रही है। सपा के सदस्यों को सदन से मार्शल के जरिये निकाल दिया गया है। इसे बरदाश्त नहीं किया जा सकता। तत्काल प्रभाव से हड़ताल पर जाने का फैसला किया गया है।
जनता को परेशानी न हो इसका ख्याल रखते हुए बिजली, पानी, चिकित्सा और परिवहन जैसी आवश्यक सेवाओं को हड़ताल से मुक्त रखा गया है। उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया। साथ ही इस लड़ाई को सामान्य व पिछड़े वर्ग के लोगों के अस्तित्व की लड़ाई बताते हुए जनता से भी सहयोग व समर्थन मांगा। उन्होंने यह ऐलान भी किया कि विधेयक वापस होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
सरकारी विभागों में तालाबंदी
सर्वजन हिताय संरक्षण समिति ने कर्मचारियों व अधिकारियों के सभी संगठनों से अपील की कि वह शुक्रवार को अपने-अपने कार्यालयों पर तालाबंदी करें। कांग्रेस व भाजपा को दिखा दें कि सामान्य व पिछड़े वर्ग के कर्मचारी अन्याय को अब और ज्यादा बरदाश्त नहीं करेंगे।
समर्थक 4 घंटे ज्यादा काम करेंगे
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने ऐलान किया है कि आरक्षण विरोधियों की हड़ताल से निपटने के लिए दलित वर्ग के कर्मचारी व अधिकारी चार घंटे अतिरिक्त काम करेंगे। समिति के संयोजक केबी राम, डॉ. रामशब्द जैसवारा ने दावा किया कि प्रमोशन में कोटे के विरोध में हो रही हड़ताल का कोई असर नहीं पड़ेगा।