उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में एक दारोगा ने एक लड़की की इज्जत लूट ली। वह लड़की को डीआईजी के यहां न्याय दिलाने के बहाने एक होटल में ठहराया था। लड़की ने परिजनों को मोबाइल से मैसेज कर वाकये की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने होटल में छापा मारकर दारोगा को गिरफ्तार कर लिया। दारोगा को निलंबित कर मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
अंबेडकरनगर के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र निवासी मुताबिल निशां, उनके भाई अबरार अहमद व सूर्यमणि यादव ने बुधवार रात प्रभारी डीआईजी/एसएसएपी धर्मेंद्र सिंह के आवास पहुंचकर शिकायत की कि उनके जिले का एक दारोगा गांव की किशोरी को यहां लाया है। एक होटल में दारोगा ने किशोरी से दुराचार के बाद उसे कमरे में बंधक बनाकर रखा है। किशोरी की जान को खतरा है। लड़की की मां की मौत हो चुकी है और पिता ने दूसरी शादी कर उसे घर से निकाल दिया है।
एसएसपी के निर्देश पर महिला थाना व कोतवाली पुलिस ने मोतीबाग पहुंचकर होटल में छापेमारी की तो दो नंबर कमरे से अकबरपुर कोतवाली का वरिष्ठ उपनिरीक्षक मान सिंह तथा पीड़ित लड़की मिल गई। लड़की ने बताया कि दारोगा मान सिंह ने उसे डीआईजी के यहां की गई शिकायत के मामले में बयान दर्ज कराने का झांसा देकर यहां लाया था। वह उसे दिनभर इधर-उधर घुमाता रहा और फिर होटल के कमरे में ले आया। उसने यहां रुकने पर आपत्ति जताई और घर पहुंचाने की बात कही तो दारोगा ने धमकाकर मुंह बंद करवा दिया तथा कमरा बंद कर दुराचार किया। इसके बाद वह बाथरूम के अंदर से सूर्यमणि यादव व परिजनों को मैसेज कर जान बचा लेने की गुहार की।
लड़की ने बताया कि गांव के ही एक युवक ने उसके साथ दुराचार किया था। उस आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोपियों की ओर से धमकी दिए जाने की फरियाद लेकर वह मान सिंह के पास पहुंची तो तीन-चार दिन दौड़ाने के बाद भी उसने रिपोर्ट नहीं दर्ज की और पुराने मामले में बिना कोई गिरफ्तारी आरोप पत्र अदालत भेज दिया।
उसने बताया कि अदालत से जारी समन भी आरोपियों को तामील नहीं कराया गया। डीआईजी के यहां की गई शिकायत में बयान दर्ज कराने के बहाने दारोगा उसको फैजाबाद लाया। हालांकि पुलिस अधिकारी मौके पर दुराचार को छिपाने की कोशिश में जुटे रहे।
पीड़िता की तहरीर पर महिला थाना में अपराध संख्या 38/12 धारा 376 (2) ख के तहत मान सिंह के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की रिपोर्ट एसपी अंबेडकरनगर को भेजी गई है। वहीं अंबेडकरनगर के एसपी गोविंद अग्रवाल ने आनन-फानन में आरोपी दारोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एसपी ने कहा कि उसका आचरण अत्यंत अमर्यादित व अनुशासनहीन था। पूरे प्रकरण की जांच सीओ सिटी अनूप कुमार को सौंप दी गई है।