प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान रूस और भारत ने 16 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। दोनों देश मिलकर 226 सैन्य कॉमोव हेलीकॉप्टर और 12 परमाणु संयंत्रों का निर्माण करेंगे।
इसमें भारत की स्थानीय कंपनियों की भी भागीदारी होगी। मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बातचीत में भारतीय कंपनियों को रूस के तेल और गैस क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर भी विशेष चर्चा हुई।
मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नई दिल्ली तथा मास्को के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के दायरे को बढ़ाने का निर्णय लिया है। दोनों नेताओं के बीच रक्षा, ऊर्जा और व्यापार तथा निवेश बढ़ाने समेत कई मसलों पर बातचीत हुई। इसके बाद दोनों पक्षों ने समझौतों पर हस्ताक्षर किए। मोदी ने बताया कि भारत में कॉमोव हेलीकॉप्टर का निर्माण मेक इन इंडिया के तहत पहली बड़ी सैन्य परियोजना है।
परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी देश में दो स्थानों पर 12 रूसी रिएक्टरों को लेकर प्रगति हो रही है। पुतिन ने बताया कि रूस द्वारा तमिलनाडु में बनाए गए कुडानकुलम परमाणु संयंत्र की यूनिट 2 अगले कुछ हफ्तों में चालू हो जाएगी। यूनिट 3 और 4 को लेकर बातचीत चल रही है।
वार्ता के दौरान मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की जरूरत बताई। उन्होंने पाकिस्तान जैसे आतंक के स्रोत की ओर इशारा करते हुए कहा कि आतंकी संगठनों और लक्ष्य देशों में भेदभाव किए बिना आतंकवाद के खिलाफ दुनिया को एक होने की आवश्यकता है।