प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफगानिस्तान दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने भारत की सहायता से काबुल में निर्मित अफगानिस्तानी संसद का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद मोदी ने संसद को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों की दोस्ती की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की दोस्ती को इतना अहम बनाने के पीछे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का सराहनीय योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कहा, 'वाजपेयी के वाजपेयी की याद करते हुए कहा कि अफगानिस्तानी संसद का उद्घाटन हमारे देश के महान नेता के जन्मदिन के अवसर पर हुआ। अटल बिहारी वाजपेयी ने दोनों देशों के संबंध को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए।' भाषण के दौरान उन्होंने महाभारत काल को याद करते हुए अफगानिस्तान को 'गांधार' के नाम से जोड़ा। उन्होंने कहा अफगानिस्तान विकास की ओर बढ़ रहा है और भारत इसमें हर संभव मदद करेगा।
उन्होंने अफगानिस्तान क्रिकेट टीम की चर्चा करते हुए भारत की ओर से की जा रही मदद की बात कही। उन्होंने हाल ही में अफगानिस्तान अंडर 19 टीम को जिम्मबाब्वे के ऊपर मिली जीत के लिए उन्हें बधाई दी। मोदी ने अफगानिस्तानी छात्रों पढ़ाई की दिशा में और अच्छा करने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भारत कई तरह से स्कॉलरशिप प्रोग्राम के तहत भारत में उनके लिए पढ़ाई को बेहतर बनाने की दिशा में काम करेगा। भारत 5000 अफगानी छात्रों की स्कॉलरशिप मुहैया कराएगा। उन्होंने गफ्फार खान का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी में अफगानों का अहम योगदान रहा।