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खबर एक्सप्रेस: 10 मिनट में पढ़िए 10 बड़ी खबरें

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लोकसभा चुनाव करीब हैं और तैयारियां जोरों पर हैं। जाहिर है, यह दौर टिकट हासिल करने का है। एक चुनावी टिकट काफी है नीयत बदलने के लिए। कई नेता इसलिए इन दिनों नीयत बदलने को तैयार हैं और पार्टी भी।
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पुराने साथियों को भला-बुरा कहा जा रहा है, पुराने दुश्मनों से गलबहियां हो रही हैं। यानी सियासत के मैदान में हर हथकंडा देखने को मिल रहा है। लालू के 'हनुमान' का दर्जा पाने वाले रामकृपाल यादव पार्टी छोड़ रहे हैं। अपने रूठे चाचा को मनाने के लिए लालू की बेटी मीसा कोशिश कर रही हैं।

लालू एक बार फिर अपने साले का स्वागत कर रहे हैं। दिल्ली में आम आदमी पार्टी को टिकट मांगने वालों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा हाई-प्रोफाइल सीटों पर बड़े नेताओं के बचपने से परेशान है। कुल मिलाकर राजनीतिक रायता फैला हुआ है। इस बीच कुछ नेता ऐसे भी हैं, जो लोकसभा टिकट मिलने के बाद उसे लौटा भी रहे हैं। हैरानी भले हो, लेकिन ये नेता ऐसा कदम उठा चुके हैं।
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आरआरएस का बयान से लगा किसे करंट

भाजपा ने नरेंद्र मोदी पर बड़ा दांव लगाया है। पिछले दस साल से विपक्ष की कुर्सी संभाल रही पार्टी को इस बार उम्मीद है कि मोदी की अगुवाई में उसका सत्ता तक पहुंचने का लक्ष्य पूरा होगा।

जाहिर है, पिछले कुछ दिनों में उसे कामयाबी भी‌ मिली है। रामविलास पासवान जैसे बड़े दलित नेता उसके पाले में आ गए हैं। हालांकि, इस बीच सीटों को लेकर कशमकश जारी है। हालांकि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से मिल रहे पूर्ण समर्थन के बूते मोदी और भाजपा अब तक उत्साह के साथ आगे बढ़ रही थी।

लेकिन इस बीच कुछ ऐसा हुआ है, जो भगवा दल की टेंशन बढ़ा सकता है। चुनावों के दौरान उसकी सबसे ज्यादा मदद करने वाले आरएसएस ने अचानक ऐसा बयान दिया है, जो भ्रम पैदा करता है। साथ ही इस बयान ने मोदी का सिरदर्द भी बढ़ा दिया है।

केजरीवाल के पिता ने हड़पी किसकी जमीन

भ्रष्टाचार मिटाने के लिए आंदोलनरत अरविंद केजरीवाल के परिवार की ईमानदारी पर उनके ही रिश्तेदारों ने सवालिया निशान लगा दिया है।

अरविंद केजरीवाल के पिता पर बहादुरगढ़ निवासी इस परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

आरोपों के अनुसार अरविंद के पिता गोविंदराम ने रेवेन्यू रिकार्ड में अपनी बहन सीता देवी को अपने पिता की पत्नी यानी मां लिखवाकर उसकी (अपनी बहन की) कीमती जमीन हड़प ली।

फिलहाल सीता का गरीब बेटा राम बिलास इस जमीन को हासिल करने के लिए अरविंद केजरीवाल के पिता के साथ कई साल से अदालत में लड़ाई लड़ रहा है।

लालू का जहाज किसने हड़पा?

राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद चले तो थे संघ परिवार से लड़ने लेकिन पड़ गए अपने परिवार के चक्कर में। बेटी मीसा भारती को पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बनाकर उन्होंने पार्टी के एक बड़े नेता रामकृपाल यादव को खो दिया। लालू के हनुमान रामकृपाल अब लालू की बेटी के ख़िलाफ़ पाटलिपुत्र सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। आधिकारिक घोषणा केवल बाक़ी है लेकिन रामकृपाल भाजपा में जा चुके हैं।

मार्च 10, 1990 को लालू प्रसाद पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने थे। ठीक 24 साल बाद उसी तारीख़ यानी 10 मार्च को उनको दो बड़े झटके लगा। रामकृपाल ने घोषणा कर दी कि वे मीसा के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ेंगे। दूसरी तरफ़ 10 मार्च को ही बिहार विधान परिषद में राजद के नेता ग़ुलाम ग़ौस ने जनता दल-यू की सदस्यता ग्रहण कर ली। उन्हें जदयू मधुबनी से अपना उम्मीदवार बनाने जा रही है।

याद रहे कि मधुबनी से बिहार विधानसभा में राजद के नेता और नेता प्रतिपक्ष अब्दुल बारी सिद्दीक़ी चुनाव लड़ रहे हैं। 2009 के चुनाव में वे मौजूदा सांसद भाजपा के हुकूम देव नारायण यादव से लगभग नौ हज़ार वोटों से हार गए थे। ग़ौरतलब है कि पिछली बार कांग्रेस और राजद का गठबंधन नहीं हो सका था और कांग्रेस के महासचिव शकील अहमद भी मधुबनी सीट से मैदान में थे लेकिन वह तीसरे नंबर पर थे।

नक्सली हमले में 16 जवान शहीद

नक्सलियों ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की दरभा घाटी में आतंक का खेल खेला है।

नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर जबरदस्त हमला किया है। नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर जबरदस्त हमला किया है। घात लगाकर किए गए इस हमले में सुरक्षा बलों के 15 जवानों सहित एक आम नागरिक की मौत हुई है।

पुलिस अधिकारी दीपांशु काबरा के मुताबिक इस हमले में सीआरपीएफ के दो और पुलिस का एक जवान गंभीर रूप से घायल हुआ हैं।

अशोक अग्रवाल ने छोड़ दी आप

हाल में आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले नेता अशोक अग्रवाल ने पार्टी पर करारा हमला बोला है। उन्होंने AAP पर लक्ष्य से भटकने का आरोप भी लगाया है।

अग्रवाल 2012 से ही आम आदमी पार्टी के साथ जुड़े़ रहे हैं। वह पिछले सप्ताह तक पार्टी के नेशनल एक्‍जीक्यूटिव में रहें, लेकिन पार्टी की विचारधारा में अंतर नजर आने पर पद और पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।

अग्रवाल ने मी‌डिया को बताया कि आम आदमी पार्टी का गठन जिन उद्देध्‍यों को लेकर किया गया था, वे अब धीरे-धीरे समाप्त होते नजर आ रहे हैं। पार्टी के लक्ष्य में आम जनता न होकर कुछ खास आदमी हो गए हैं। पार्टी अब एलीट क्लास व उद्योगपतियों के ‌इशारों पर चल रही है।

ग्रामीण बैंक में निकली नौकरी, कीजिए आवेदन

बैंक में पाएं सरकारी नौकारी, आवेदन का ऑनलाइन अवसर
उत्तराखंड ग्रामीण बैंक में ऑफिसर स्केल-I और ऑफिस असिस्टैंट के पदों को भरने के लिए विज्ञप्ति जारी की गई हैं। विज्ञापित पदों में ऑफिसर स्केल-I के 49 पद और ऑफिस असिस्टैंट (बहुउद्देश्य) के 157 पद शामिल हैं।

इन पदों के लिए निर्धारित शैक्षिक और आयु संबंधी योग्यता रखने वाले भारतीय नागरिकों से आवेदन मंगाए गए हैं। इन पदों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा है।

कांग्रेस नेता ने किया घिनौना काम

केरल में कांग्रेस पार्टी के एक विधायक पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर एक महिला का अपहरण और बलात्कार किया। सोमवार रात उनके ख़िलाफ़ महिला ने थाने मे शिकायत दर्ज़ कराई थी।

कांग्रेस विधायक ने आरोपों से इनकार किया है। मामला कुन्नूर से कांग्रेस विधायक ए पी अब्दुलकुट्टी के विरुद्ध दर्ज हुआ है। सोमवार को महिला ने पुलिस थाने में संबंधित मामले की शिकायत दर्ज़ कराई थी।

महिला का आरोप है कि एक घोटाले के संबंध में उनकी गिरफ़्तारी से पहले उनके साथ एक होटल में कथित तौर पर बलात्कार किया गया था।

भाजपा ‌कैसे झेलेगी इन आठ नेताओं के नखड़े

अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाले भाजपा में यूं तो कई नेता है, लेकिन इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जिनके फैससों से विवाद भी कम नहीं हुए है।

ऐसे नेताओं की लंबी फेहरिस्त है, जो पार्टी फोरम पर तमाम निर्णय लिए जाने का दावा तो करते हैं लेकिन खुद ही उस पर अमल नहीं करते।

ये नेता कार्यकर्ताओं को संतोषी और अनुशासित बने रहने को कहते हैं लेकिन खुद विघ्न पैदा करते हैं। चुनाव प्रत्याशी अभी तय नहीं हुए लेकिन कई नेताओं ने खुद को उम्मीदवार घोषित कर प्रचार भी शुरू कर दिया है।

इन नेताओं के लिए न तो संसदीय बोर्ड के कोई मायने हैं और न ही सामूहिक फैसलों के। ये नेता कभी ज्यादा उम्र के लोगों को चुनावी जंग से दूर रखने की चर्चा पर चुप्पी साधते हैं, तो कभी खुद ही उनकी सीटें तय करने लगते हैं।
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मक्‍खी खाकर है वो जिंदा

ऑस्ट्रेलिया के सुदूरवर्ती इलाक़ों में पैदल यात्रा कर रहा एक जर्मन पर्यटक रास्ता भटक गया। इसके बाद वो अगले तीन हफ़्तों तक केवल मक्खियां खाकर ज़िंदा रहा। पुलिस के अनुसार मध्य पश्चिम क्वींसलैंड में पदयात्रा करते हुए 26 वर्षीय डेनियल डडज़ीज़ 17 फ़रवरी को रास्ता भटक गए थे।

वह खो गए थे और एक नदी के दो जलमग्न हिस्सों के बीच फंस गए थे। आख़िरकार एक मोटरसाइकिल सवार ने उन्हें बीते गुरुवार को वहां से निकाला। पुलिस का कहना है कि डडज़ीज़ 'सुरक्षित और सही' स्थिति में मिले और उनकी 'दिमाग़ी हालत ठीक' थी।

पुलिस इंस्पेक्टर मार्क हेंडरसन ने एबीसी चैनल से कहा, "उन्होंने मज़ाक किया कि ऑस्ट्रेलिया में कोई भूखा नहीं मर सकता क्योंकि यहां इतनी सारी मक्खियां हैं जिन्हें आप खा सकते हैं, बेशक उनके प्रोटीन के लिए।"
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