नरेंद्र मोदी की लहर के जरिए देश की सत्ता तक पहुंचने का ख्वाब देख रही भारतीय जनता पार्टी के साथ फिलहाल सबकुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है।
आम नेताओं से लेकर पार्टी के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी तक के टिकट के लिए चल रही अंदरूनी खींचतान से जूझ रही भाजपा के सामने नई-नई मुसीबतें आ रही हैं।
भाजपा ने क्रिकेटर से नेता बने नवजोत सिंह सिद्धू को किसी तरह मनाकर अमृतसर लोकसभा सीट अरुण जेटली को तो दिला दी, लेकिन आज वहां जो कुछ हुआ, उसकी कल्पना किसी भाजपा नेता ने नहीं की थी।
धोनी का 100 करोड़ का दावा
भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मद्रास हाईकोर्ट में दो न्यूज चैनल के खिलाफ 100 करोड़ रुपये के मानहानि का दावा ठोका है।
धोनी ने आईपीएल मैच फिक्सिंग में अपना नाम घसीटे जाने पर दो न्यूज चैनल पर 100 करोड़ का मुकदमा दायर किया है। धोनी ने यह यह मानहानि का मुकदमा मद्रास हाईकोर्ट में दायर किया है।
जज एस तमिलवन ने मंगलवार को इसकी सुनवाई करते हुए जी मीडिया कॉरपोरेशन और न्यूज नेशन को इससे संबंधित कोई भी खबर, इंटरव्यू या विश्लेषण नहीं दिखाने का आदेश दिया है।
एनडीए को मिलेगी इतनी सीटें कि बन जाएगी सरकार
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। शिवसेना के मुखपत्र सामना में लिखे लेख में उद्धव ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के दावों को हास्यास्पद करार दिया है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दावा किया था कि कांग्रेस को इस बार पिछले चुनाव के मुकाबले कहीं ज्यादा सीटें मिलेंगीं। राहुल ने कहा था कि कांग्रेस इस बार 200 का आंकड़ा पार करेगी और तीसरी बार यूपीए की ही सरकार बनेगी।
सामना में लिखे लेख में उद्धव ने कहा कि राहुल गांधी के दावों के उलट कांग्रेस की हालत बेहद खराब है। इस चुनाव में कोई भी कांग्रेस का टिकट नहीं चाहता। कांग्रेस उलटे टिकट के लिए उम्मीदवारों के पीछे भाग रही है।
उद्धव के मुताबिक कांग्रेस इस बार 100 सीटों के आंकड़े तक ही सिमट कर रह जाएगी। उद्धव ने दावा किया किया कि एनडीए को इस बार 275 सीटें हासिल होंगी और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही केंद्र में अगली सरकार बनेगी।
यूपी की सियासी जंग जीतेगा कौन
नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के 53 प्रत्याशियों की घोषणा के साथ प्रदेश के दो तिहाई हिस्से में चुनावी महासमर की स्थिति साफ होती नजर आ रही है।
दिलचस्प बात है कि बसपा छोड़ शेष सभी दलों में टिकट वितरण को लेकर असंतोष की लपटें हर खेमे में दिखाई दे रही हैं। कहीं कम, कहीं ज्यादा।
पर सबसे दिलचस्प चुनाव वाराणसी में होगा जहां भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी को जेल में बंद बाहुबली मुख्तार अंसारी भी चुनौती देते नजर आएंगे।
वहीं आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल भी यहां से मैदान में उतरने को बेताब हैं। हालांकि उन्होंने अभी इस बाबत साफ नहीं किया। देखना यह होगा कि यहां बड़ा मुद्दा भ्रष्टाचार होगा या सांप्रदायिक आधार पर ध्रुवीकरण।
मोदी के खिलाफ चुनाव क्यों लड़ना चाहते हैं केजरीवाल
भारतीय जनता पार्टी की तरफ से प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल के बीच बनारस के मैदान में मुकाबला हो सकता है। लेकिन बहुत से लोगों का मानना है कि इस मुकाबले में कोई खास दम नहीं है।
मोदी के पास लंबा अनुभव है। चुनावी सर्वे बता रहे हैं कि इन लोकसभा चुनावों में उनकी शोहरत बुलंदी छू रही है और फिलहाल वाराणसी लोकसभा सीट भी उनकी पार्टी भाजपा के पास है।
ऐसे में अरविंद केजरीवाल बनारस के इस रण में जीत के लायक मजबूत नहीं दिखते, लेकिन सियासत में सिर्फ जीतना कोई लक्ष्य नहीं होता। खास तौर से केजरीवाल के लिए ऐसा है। केजरीवाल, मोदी के खिलाफ चुनाव क्यों लड़ना चाहते हैं, इसकी वजह ये रहीं।
आप ने घोषित किए 26 नए उम्मीदवार
आम आदमी पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनावों के लिए प्रत्याशियों की सातवीं सूची जारी कर दी है।
आप की इस सूची में उत्तरप्रदेश, बिहार, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और त्रिपुरा, मणिपुर और सिक्कम लोकसभा सीटों के प्रत्याशियों के नाम है।
परमाणु विरोधी सामाजिक कार्यकर्ता डॉ एस पी उदय कुमार को तमिलनाडु के कन्याकुमारी संसदीय क्षेत्र से उतारा है। पार्टी ने आज 26 उम्मीदवारों की सातवीं सूची जारी की जिनमें बिहार से छह उम्मीदवारों के नाम भी शामिल हैं।
आजमगढ़ से लढ़ेगे मुलायम!
उत्तर प्रदेश से आज की सबसे बड़ी खबर आ रही है कि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव वाराणसी के पास मौजूद आजमगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।
सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव की ओर से आए प्रेस नोट में लिखा गया है, 'पूर्वांचल के सभी जनपदों के पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की मांग पर समाजवादी पार्टी ने निर्णय लिया है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुलायम सिंह यादव दोनों लोकसभा क्षेत्रों मैनपुरी और आजगगढ़ से चुनाव लड़ेंगे।'
माना जा रहा है कि मुलायम ने यह कदम मोदी इफेक्ट को कम करने के लिए उठाया है।
हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा कुछ दिन पहले ही गर्माने लगी थी कि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव मैनपुरी के साथ ही आजमगढ़ सीट से भी लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं।
दो मुख्यमंत्री के पुत्रों का चुनावी दांव!
लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सात सीट पर तीन लाल अपने माता-पिता की विरासत संभालने की जंग लड़ेंगे।
कांग्रेस ने बेशक अभी सीटें घोषित नहीं की हैं लेकिन पूर्वी दिल्ली से अघोषित प्रत्याशी संदीप दीक्षित को मां शीला दीक्षित का रुतबा कायम रखना है तो पश्चिम दिल्ली से भाजपा प्रत्याशी प्रवेश वर्मा को पिता साहिब सिंह वर्मा को संसद में प्रवेश करके पुष्पांजलि देनी है।
ये दोनों युवा प्रत्याशी पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान में केरल की राज्यपाल शीला दीक्षित और पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा संसद का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
सहायक अध्यापकों की बड़ी भर्ती
उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद, रड़की ने जिन विभिन्न विषयों से संबंधित 3091 पदों को भरने के लिए विज्ञप्ति जारी की है उन पदों में विज्ञान, गणित, हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, सामान्य ज्ञान, कला, शारीरिक शिक्षा, संगीत, गृह विज्ञान, वाणिज्य, उर्दू, बंगाली और पंजाबी विषयों से संबंधित हैं। इन सभी विषयों के लिए पदों की संख्या अलग अलग निर्धारित की गई है।
एक और 'तूफान' मचाएगा तूफान कांग्रेस में हलचल
कांग्रेस की चाय की प्याली में एक और तूफान के आसार हैं। पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने खुला पत्र जारी कर नैनीताल से रोहित को चुनाव लड़ाने की मंशा जाहिर की है।
तिवारी का इशारा यह भी है कि वे खुद भी चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि तिवारी कह रहे हैं कि 21 मार्च से वे क्षेत्र का दौरा कर लोगों की राय जानेंगे।
तिवारी के मुताबिक उम्र के कारण अब वे खुद चुनाव नहीं लड़ना चाहते पर लोगों की राय होगी तो इस पर विचार किया जाएगा। तिवारी ने इस पत्र में अपने ओएसडी भवानी भट्ट को रोहित का राजनीतिक सलाहकार भी नियुक्त किया है।