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पंकज कपूर बोले, 'कई मामलों में मुझे शाहिद से डर लगता है'

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आमतौर पर मीडिया से दूर रहने वाले अभिनेता पंकज कपूर इस बार फिल्म 'शानदार' के लिए प्रमोशन में हिस्सा ले रहे हैं। इसी फिल्म में पकंज कपूर अपने बेटे शाहिद और बेटी सना के साथ पहली बार पर्दे पर नजर आने वाले हैं। बातचीत के दौरान उन्होनें मीडिया से झिझक, शाहिद से रिश्तों के अलावा भारत में सांप्रदायिक तनाव पर भी अपनी राय रखी।
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पकंज कपूर ने साल 2011 में शाहिद को मुख्य रोल में लेकर 'मौसम' बनाई थी लेकिन फिल्म फ्लॉप साबित हुई। अब पकंज का मानना है कि वो शाहिद को कास्ट करने से डरते हैं। वे कहते हैं, 'एक तो हैदर की कामयाबी के बाद मुझे लगता है कि कहीं अगली कहानी के लिए वो मुझे बतौर निर्देशक रिजेक्ट ना कर दे।'

'मैं शाहिद, अपनी पत्नी सुप्रिया पाठक और अपनी बेटी सना को लेकर फिल्म बना तो लूं लेकिन मुझे डर है कि कहीं मेरे बच्चे मुझे ये कहते हुए रिजेक्ट ना कर दें कि आपने ये कैसा छोटा मोटा रोल लिख दिया है, हमें तो बहुत अच्छे रोल मिल रहे हैं।' बावजूद इसके पंकज कहते हैं कि वो जरूर अपने पूरे परिवार के साथ एक फिल्म बनाना चाहेंगे।
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'बच्चों को नसीहत देने का जमाना गया'

पंकज कपूर को हिंदी फिल्मों से जुडे काफी अरसा हो गया है और वो मंझे हुए कलाकार माने जाते हैं, ऐसे में क्या वो शाहिद को कोई सलाह या नसीहत देते हैं?

इस पर पकंज कहते हैं, 'नसीहत देने का जमाना गया, वो एक हजार साल पहले की बात थी। बुजुर्ग बोला करते थे और बच्चे उनकी सुना करते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है और मैं अपने आपको बहुत खुश किस्मत मानता हूं कि मेरे बच्चे मेरी सुनते हैं जो काफी है।'

पंकज कपूर कहते हैं कि वे अपनी 60 साल की जिन्दगी के अनुभवों को बच्चों के साथ साझा करते हैं और उनसे भी काफी चीजे सीखते हैं चाहे फिर वो घर खरीदने की बात हो, कहीं छुट्टी जाने की बात या फिर कोई निजी फैसला।
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'बाहरी लोगों से सहज नहीं हो पाता।'

बॉलीवुड की चकाचौंध वाली दुनिया से दूर रहने वाले पंकज अपने आप को असामाजिक तरह का आदमी मानते हैं। वो कहते हैं, 'मैं पार्टियों या सामाजिक कार्यक्रमों मैं बहुत कम ही जाता हूं। लेकिन जब जाता हूं, तो अकेला नहीं बल्कि पूरे परिवार के साथ क्योंकि मैं दोस्तों और परिवार को छोड कर बाहरी लोगों से सहज नहीं हो पाता।'

बीफ बैन, पाकिस्तानी कलाकारों पर पाबंदी, साहित्यकारों का विद्रोह इन सभी मुद्दों पर वो एक अलग राय रखते हैं। वो कहते हैं, 'मैं राजनीतिक व्यक्ति नहीं हूं और ऐसे में ऐसे किसी मुद्दे पर कोई वक्तव्य नहीं दे सकता। लेकिन छोटी सी बात है कि हम सब इंसान हैं और किसी सरहद, खाने, सोच के चलते हम अलग कैसे हो जाते हैं? इस पर हमें सोचना होगा।' फिल्म 'शानदार' 22 अक्टूबर को रीलीज हो रही है।
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