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जब मीना कुमारी का चेहरा देख डायलॉग भूल जाते थे राजकुमार

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ट्रेन ने सीटी बजाई और गहरी अंधेरी रात में आगे बढ़ने लगी। गहरी नींद में डूबी मीना कुमारी को एहसास भी न हुआ कि एक अजनबी उनके कंपार्टमेंट में घुसा और उनके मेहंदी लगे पांवों को देख उनका दीवाना हो गया।
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अजनबी एक पर्चे पर लिखता है- आपके पांव बहुत हसीन हैं इन्हें जमीन पर मत उतारना, मैले हो जाएंगे। उस पर्चे को मीना कुमारी के पैरों की उंगलियों में फंसाकर अगले स्टेशन पर उतर जाता है। फिल्म पाकीजा के इस सीन में दिखा यह अजनबी थे एक्टर राजकुमार।

वही राजकुमार जो फिल्मों में अपनी खास संवाद अदायगी की वजह से जाने जाते थे। वैसे तो मीना कुमारी का नाम कई लोगों से जोड़ा गया। सुना जाता है कि फिल्म बैजू बावरा के निर्माण के दौरान नायक भारत भूषण ने भी अपने प्रेम का इजहार मीना के प्रति किया था।
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मीना को देख डायलॉग भूल जाते थे, राजकुमार

राजकुमार को तो मीना कुमारी से इतना इश्क हो गया कि वह मीना के साथ सेट पर काम करते समय अपने संवाद भूल जाते थे। बस मीना के मुंह की तरफ ही ताकते रहते थे। पकीजा में पहले धर्मेंद्र को साइन किया गया था, लेकिन उन दिनों मीना और धर्मेंद्र के अफेयर के चर्चे हर जुबान पर थे और इससे चिढ़कर कमाल ने धर्मेंद्र को पाकीजा से निकालकर उनका रोल राजकुमार को दिया था।

लेकिन यहां भी उनके साथ धोखा हो गया। राजकुमार का दिल भी मीना कुमारी पर आ गया। कहते हैं कि मीना कुमारी के साथ ट्रेन वाल सीन को करते हुए पहली बार जब राजकुमार ने करीब से मीना के पैरों को देखा तो वह मीना की खूबसूरती के मुरीद हो गए थे।

कमाल को राजकुमार से भी कोफ्त होने लगी थी और उन्होंने फिल्म में दोनों के बहुत ही कम सीन साथ में करवाए। लेकिन फिल्म का एक गाना बेहद रोमांटिक था और उसे फिल्माया जाना भी बहुत जरूरी था।

चलो दिलदार चलो, चांद के पार चलो

कमाल ने उनकी आंखों से ही प्यार बरसाने की कोशिश करवाई थी, दोनों को साथ में ज्यादा ना दिखाकर खूबसूरत रोमांटिक मौसम और नजारों पर ज्यादा फोकस किया था। वह गाना था- चलो दिलदार चलो, चांद के पार चलो...

पाकीजा में यह युगल गीत तब आता है जब कैंप में दोनों की पहली बार मुलाकात होती है। इसके बाद कमाल अमरोही ने राजकुमार को अपनी किसी फिल्म में नहीं लिया। राजकुमार और मीना कुमारी ने 'दिल अपना और प्रीत पराई' में भी काम किया।

लेकिन कहते हें कि फिल्म 'काजल' उन्होंने मीना के साथ इसलिए की थी क्योंकि इसमें उनके साथ उन्हें रोमांस का खूब मौका मिल रहा था। राजकुमार रोमांटिक हीरो नहीं थे, लेकिन 'काजल' में एक बेहद रोमांटिक गाना।
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'छू लेने दो नाजुक होठों को'

फिल्म 'काजल' का एक बेहद रोमांटिक गानाछू लेने दो नाजुक होठों को, कुछ और नहीं हैं जाम है ये, कुदरत ने जो हमको बख्‍शा है, वो सब से हसीं इनाम है ये... उन पर और मीना कुमारी के बीच फिल्माया जाना था।

लेकिन निर्माता-निर्देशक राम माहेश्वरी राजकुमार से यह कहने में हिचक रहे थे, लेकिन जैसे ही राजकुमार के कानों में यह बात पड़ी, कहते हें कि वह उछल पड़े थे और बोले थे कि कौन नहीं चाहेगा मीना जी के साथ रोमांस करना।

इस फिल्म में धर्मेंद्र भी थे, लेकिन मीना और राजकुमार ने खूब सुर्खियां लूटी थीं। बताते चलें कि राजकुमार की पत्नी गायत्री एयरहोस्टेस थीं और उनकी मुलाकात राजकुमार से एक फ्लाइट में हुई थी। दोनों के बीच रोमांस हुआ और 60 के दशक में शादी हुई। गायत्री एंग्लो इंडियन थीं और उनका मूल नाम जेनिफर था।
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