'दिल्ली 6' में रमा बुआ का किरदार निभाने वाली अदिति राव हैदरी 'मर्डर 3' फिल्म में नायिका का किरदार निभाने जा रही हैं। 'मर्डर 3' भट्ट कैंप की फिल्म है और भट्ट कैंप की फिल्मों में नायिका को एक्सपोजर करना ही होता है। तो एक तरह से कह सकते हैं कि अदिति राव हैदरी की गाड़ी ने यू-टर्न ले लिया है।
अदिति राव 'मर्डर 3' से पहले भी सुधीर मिश्रा निर्देशित फिल्म 'ये साली जिंदगी' में कई चुंबन दृश्य दे चुकी हैं। 'मर्डर 3' में दर्शक उन्हें एक नए तरह के रोल में देखेंगे। 15 मार्च को रिलीज हो रही फिल्म 'मर्डर 3' को लेकर अदिति राव ने लंबी बातचीत की। पेश हैं बातचीत के कुछ चुनिंदा अंश,
'मर्डर 3' की चर्चा इसके सेक्सुअल होने को लेकर है, क्या है इस फिल्म में खास?
'मर्डर 3' मौजूदा दौर के रिश्तों की कहानी है। भट्ट कैंप अपनी फिल्मों के जरिए हमेशा रिश्तों की कहानी कहता आया है। 'मर्डर 3' भी इससे अछूती नहीं है। खुद भट्ट साहब की मानें तो यह फिल्म 'अर्थ' की तरह ही है। 'अर्थ' जो रिश्तों पर आधारित थी उस वक्त के लिए सही थी। आज के टाइम के लिए 'मर्डर' सही है। मैं उनकी बात से पूरी तरह सहमत हूं 'मर्डर 3' नए ज़माने की 'अर्थ' है। जहां तक बात इसके सेक्सुअल होने की हो रही है तो दो लवर्स के बीच का प्यार को दिखाने के लिए आपको कुछ बोल्ड सीन डालने ही होंगे। अब वह समय नहीं रहा जब रोमांस के दृश्य को दो फूल या दो कबूतर से दिखा दिया जाता था।
'ये साली जिंदगी' के बाद इस फिल्म में आप जमकर बोल्ड सीन कर रही हैं क्या ऐसे सीन करते हुए कोई परेशानी होती है?
मुङो बोल्ड सीन से परेशानी नहीं है क्योंकि मैं उसे कैमरे पर कर रही हूं। अगर मैं किरदार और स्क्रिप्ट की मांग पर ऐसा नहीं करती हूं तो इसका मतलब मैं अपना काम ठीक से नहीं कर रही हूं। वैसे मैं बोल्ड सीन उन्हीं फिल्मों में करूंगी जिनके मेकर्स पर मैं विश्वास करती हूं। जिन पर मुङो भरोसा है कि वह मेरे आत्मसम्मान को समङोंगे और मैं जो कुछ भी करूंगी, उसका गलत इस्तेमाल नहीं होगा।
तो क्या आप परदे पर न्यूड़ सीन भी कर सकती हैं?
सच कहूं तो कर सकती हूं क्योंकि मैं एक डांसर हूं। अपनी बॉडी को लेकर मैं बहुत ही सहज हूं। मेरा दिल साफ है। मैं काम को काम की तरह लेती हूं लेकिन औरों का दिल साफ नहीं है सो शायद मैं न्यूड़ सीन देने में सहज न हो पाऊं।
परदे पर इंटीमेंट सीन करते हुए आपके कोएक्टर के साथ आपका फ्रेंडली होना जरूरी होता है, आप इस बात को मानती हैं?
हां, मैं इस बात को मानती हूं कि इंटीमेट सीन करते वक्त कोएक्टर के साथ आपको दोस्ती करनी होगी। इस काम में रणदीप माहिर हैं। उसकी शक्ल भले ही डरावनी लगती है लेकिन वह बहुत ही अच्छे कोएक्टर हैं। पहले दिन से ही उनका दोस्ताना व्यवहार था। उन्होंने केपटाउन शहर मुङो घुमाया ताकि हम दोस्त बन जाए। सेट पर वह हमेशा मेरी खींचाई करते थे। हर दूसरे वाक्य में वह कहते कि तुम बहुत अच्छी लड़की हो। मैं भी उन्हें मजाक में शरीफ हरामी कहती थी।
'मर्डर' के साथ ही मल्लिका शेरावत का नाम भी दिमाग में आता है। आप तुलना के लिए कितनी तैयार हैं?
मेरी तुलना मिल्लका शेरावत से हो ही नहीं सकती क्योंकि भट्ट साहब ने पहले से ही मेरी तुलना नूतन जी से कर दी है। अब जब भट्ट साहब ने मुङो 21 वीं सदी की नूतन कह दिया है तो मैं मल्लिका हो ही नहीं सकती। नूतन से मेरी तुलना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है क्योंकि उनका चुलबुलापन, उनकी मासूमियत, उनका ग्रेस, उनका अभिनय या उसका कुछ भी अंश मेरे अंदर है तो यह मेरे लिए खुशी की बात है। मुङो नहीं लगता कि इससे ज्यादा मैं और कुछ चाह सकती हूं। वैसे मैं बताना चाहूंगी कि गोल्ड़ी बहल ने भी 'लंदन पेरिस न्यूयॉर्क' की शूटिंग के दौरान मुङो नूतन कहा था।
भट्ट कैंप से जुड़ने पर अभिनय से ज्यादा बोल्डनेस की चर्चा होती है?
(बीच में रोकते हुए) मैं सभी चर्चाओं पर ध्यान नहीं देती हूं। वैसे भी मैंने अपने कैरियर की पहली ही फिल्म से एक मिथ तोड़ा है। 'दिल्ली 6' में मैं सोनम की बुआ के किरदार में थी और आज मैं 'मर्डर 3' की लीड अभिनेत्री हूं। फिल्म का पूरा दारोमदार मेरे उपर है। सच कहूं तो मुङो कोई नुकसान नजर नहीं आ रहा है। भट्ट कैंप का मतलब हिट फिल्मों की गांरटी और उम्दा संगीत। मुङो नहीं लगता कि मुङो कुछ और चाहिए।
अपने अब तक के सफर पर आपका क्या कहना है?
एक एक्ट्रेस के तौर पर मैं कुछ अलग करना चाहती हूं। मुङो खुद को किसी कैटगरी में शामिल नहीं करना है। मैं सबको हमेशा चकित करना चाहती हूं। अपनी अब तक की फिल्मों से मैं कामयाब भी रही हूं। 'दिल्ली 6' से मेरे अब तक के सफर पर गौर करें तो मैं हर फिल्म के साथ एक कदम आगे ही बढी हूं।
'दिल्ली 6' में जब मुङो सहायक किरदार ऑफर हुआ था तो सभी ने मुङो मना किया था कि मेरा करियर शुरु होने से पहले खत्म हो जाएगा लेकिन मुङो खुद पर भरोसा था। यही वजह है कि फिल्म में मेरा पंद्रह मिनट का किरदार नोटिस हुआ। 'रॉकस्टार', 'ये साली जिंदगी' का लीड चेहरा मैं नहीं थी लेकिन गोल्डी और सृष्टि ने मुङो 'लंदन पेरिस न्यूयॉर्क' की बतौर लीड एक्ट्रेस साइन करते हुए कहा था कि मुझमे बहुत सारी प्रतिभा है जो अभी तक लोगों ने देखी नहीं है। उनके इस विश्वास के लिए मैं उनकी हमेशा शुक्रगुजार रहूंगी।
आमिर की पत्नी किरण राव आपकी बहन है, वह आपके करियर में कितनी मदद करती है?
किरण राव मेरी ममेरी बहन है लेकिन मैंने किरण से कभी मदद नहीं मांगी है। न ही किरण ने दी है। वो जब भी मुझसे मिलती है तो एक बड़ी बहन की तरह मिलती है। हमारे बीच निजी रिश्ता है, प्रोफेशनल कुछ भी नहीं। हम फिल्मों पर बिल्कुल भी बात नहीं करते हैं।
आप अभी तक सिंगल क्यों हैं?
मैं वन मैन वूमन हूं। यही वजह है कि मैं सिंगल हूं क्योंकि मैं अगर किसी को प्यार करूंगी तो मैं चाहूंगी कि सामने वाला भी मुङो उतना ही प्यार करे। मैं परियों की कहानी वाले प्यार में विश्वास करती हूं। चॉकलेटी रोमांस में नहीं। अरे भाई आप कब तक चॉकलेट खाएंगे। सच्चा प्यार सीधे आत्मा से जुड़ा होता है जो कभी खत्म नहीं होता है। ऐसा कमिटेड शख्स अब तक नहीं मिला इसलिए सिंगल हूं।
आपके मिस्टर परफेक्ट में क्या क्वालिटी होनी चाहिए?
मिस्टर परफेक्ट की बात करें तो मेरे लिए मेरे सपनों के राजकुमार में कुछ बातें जो अहम है। उसका लुक, लुक अच्छा होने के साथ साथ वह दिल का भी अच्छा हो और हां सेंस ऑफ ह्यूमर भी जरूरी है। उसका साथ मेरे चेहरे पर मुस्कुराहट ले आए।
आपकी आनेवाली फिल्म कौन कौन सी हैं?
मैं अक्षय कुमार की फिल्म बॉसेस की फिलहाल शूटिंग कर रही हूं, इसके अलावा मैंने एक कॉमेडी फिल्म भी साइन की है।