शोले फिल्म के वीरू की स्टाइल में एक छात्रा ने कन्नौज के कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट की ऊपरी छत पर खड़े होकर आत्मदाह की चेतावनी देते हुए जिला व पुलिस प्रशासन की जमकर धज्जियां उड़ाईं। उसने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से लेकर आला अफसरों तक के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोप जड़कर भड़ास निकाली। डेढ़ घंटे बाद कुछ लोगों ने उसे पकड़कर जबरन नीचे उतारा और पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
शहर के मुहल्ला शिवाजी नगर निवासी एक टीचर की बेटी इंटरमीडिएट की एक छात्रा गुरुवार को दोपहर कलेक्ट्रेट पहुंची। जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर अफसरों के बारे में पूछा तो पता चला कि वे मीटिंग में हैं। इसके बाद छात्रा कलेक्ट्रेट के जीनों से चढ़ते हुए मुख्य गेट की छत पर पहुंचने के बाद जोर-जोर से चिल्लाने लगी। कूदकर जान देने की धमकी दे रही छात्रा को देख मौके पर कलेक्ट्रेट कर्मचारियों समेत सैकड़ों लोगों का मजमा जुट गया।
एडीएम रमेश चंद्र यादव, एसडीएम संदीप कुमार समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अफसरों ने घंटो मान-मनौवल की। हाथ जोड़े, लेकिन छात्रा नीचे उतरने को राजी नहीं हुई। हालात बिगड़ते देख एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर बुला ली गई। वह कर्मचारी राजवीर समेत कई होमगार्डों व पुलिस जवानों पर मारपीट व अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए उन्हें मौके पर बुलाने की जिद की।
एक कर्मचारी मौके पर पहुंचा और कान पकड़कर माफी मांगते हुए मुरगा तक बना लेकिन छात्रा नहीं मानी। वह सभी को मौके पर बुलाकर माफी मांगने व उन्हें दो-दो तमाचे खुद से मरवाने की मांग करने लगी। इस बीच भीड़ ने उसे बातों में उलझाया तो मौका पाकर पीछे से पहुंचे कुछ लोगों ने उसे पकड़ लिया और जबरन उतारकर नीचे ले आए।
इसके बाद कोतवाल संतोष अवस्थी, सरायमीरा चौकी प्रभारी कायम सिंह की मौजूदगी में महिला सिपाही को बुलाकर उसे पुलिस कस्टडी में थाने ले जाया गया। कोतवाल संतोष कुमार ने बताया कि छात्रा की मां नन्हीं देवी ने बताया कि उसका इलाज कानपुर के हैलट अस्पताल के सर्जन से कराया जा रहा है। शनिवार को छात्रा को उप जिलाधिकारी के सामने पेश किया जाएगा।