बेबो यानी करीना कपूर अपनी आनेवाली फिल्म हीरोइन को लेकर बहुत उत्साहित हैं। आखिर ये फिल्म उनके बर्थडे पर जो रिलीज होनेवाली है। इस फिल्म में पूरी तरह से सिर्फ वो ही वो हैं। बॉलीवुड में हीरोइन नंबर वन कौन है? इस प्रश्न का जवाब वह अपनी बातों से ही जता देती हैं कि वे ही हैं हीरोइन नंबर वन।
फिल्म के किरदार के बारे में बताएं?
हीरोइन में मैं माही का किरदार निभा रही हूं। माही बहुत सनकी है। और वह कोई भी निर्णय सोच कर नहीं लेती। यही वजह होती है कि उसकी जिंदगी में कुछ टर्निग प्वाइंट्स आ जाते हैं। माही सुपरस्टार है फिल्म में। माही के बहाने फिल्म इंडस्ट्री के और भी कई सच दिखाने की कोशिश की गयी है। फिल्म की कहानी इमेजनरी है लेकिन प्रेरित कई लोगों से है। बॉलीवुड से भी मिली है और हॉलीवुड से भी। आप देखेंगे फिल्म में आपको कई अभिनेत्रियों की जिंदगी की झलक मिल जायेगी।
वर्किग कल्चर की बात करें तो? आप बॉलीवुड की लीडिंग लेडी हैं। तो आपकी नजर में कैसा दौर है अभी अभिनेत्रियों के लिए?
मैं मानती हूं कि इन दिनों बॉलीवुड में एक्ट्रेस को लेकर अच्छी फिल्में बनने लगी हैं। लेकिन ये बात मैं हमेशा महसूस करती हूं। निजी तौर पर कि जो सम्मान बॉलीवुड में अभिनेत्रियों को मेरी मॉम बबीता के वक्त मतलब उस दौर की अभिनेत्रियों को मिलता था। आज उतना नहीं मिलता। मैं अब भी मानती हूं कि मेल डोमिनेटेड है ये इंडस्ट्री। उस दौर की जो भी अभिनेत्रियां रहीं। उन्हें आज भी लोग याद करते हैं। उनकी फिल्मों को। वो सभी सदाबहार रहीं। लेकिन हमारे दौर में अभिनेत्रियों का मापदंड उनकी खूबसूरती से है। वैसे फिल्मों की लिहाज से आज हमें परफॉरमेंस देने का मौका ज्यादा मिल रहा है।
आये दिन आपकी शादी की खबरें आती रहती हैं। अब तो तारीख के बारे में भी चर्चा होने लगी है.लेकिन आप और सैफ इस बारे में कुछ भी नहीं कहते?
हां, बिल्कुल मेरी शादी है। मैं जानती हूं। कब होगी। किससे होगी और कैसे होगी। मैं क्यों लोगों को बताऊं। राज्य सभा का डिबेट बन गयी है मेरी शादी। वो मुङो पसंद नहीं।
तो, आप मानती हैं कि एक हीरोइन की जिंदगी पूरी तरह से पब्लिक अफेयर हो जाती है। इसका कितना फायदा कितना नुकसान होता है एक अभिनेत्री को व्यक्तिगत तौर पर?
मैं मानती हूं कि गॉसिप वगैरह तो एक अभिनेत्री की जिंदगी का हिस्सा हैं। और अब पहले का दौर तो है नहीं। पहले मैगजीन कम थे। लेकिन अफवाहों का दौर तब भी था। लेकिन एक्ट्रेसेज जल्दी भरोसा करती थीं जो बातें प्रकाशित होती थीं। अब ऐसा नहीं है। सभी जानते हैं। हम कलाकार भी कि अगर किसी से हमारे अफेयर की बातें छपती हैं। कोई भी मनगढ़ंत बातें छपती हैं तो इससे हमारे अपने रिश्ते पर कोई आंच नहीं आती। हां, जहां तक बात है कि अब हम सभी फिल्मी कलाकारों की हर छोटी से छोटी बातों पर नजर रखी जाती है। वह गलत है। आखिर हम भी इंसान हैं। हमसे भी गलतियां हो जाती हैं। लेकिन हमारी गलतियों को इश्यू की तरह दिखाते हैं। उससे मुङो परहेज है.
आप खुद कपूर खानदान से हैं और खान की भी पसंदीदा अभिनेत्री हैं। तो आपकी नजर में आपका कपूर खानदान से होना और खान अभिनेताओं के साथ काम करना आपकी सफलता की मुख्य वजह रही है क्या? आप खुद को किस श्रेणी में रखती हैं?
हां, यह सच है कि मेरे साथ कपूर खानदान का सरनेम है। मैं खान अभिनेताओं के साथ काम कर रही हूं। लेकिन सिर्फ ये मेरी सफलता का मापदंड नहीं हैं। आप देखें न और मेरी फिल्मों के नाम बताइए, कोई भी जिसमें मैंने सिर्फ नाचने गाने के लिए फिल्म की हो। यहां तक कि जो मेरी असफल फिल्में हैं। उसमें भी मेरा परफॉरमेंस है। मैंने रिफ्यूजी से अबतक परफॉरमेंस ओरियेंटेड फिल्में की हैं। फिर चाहे वह चमेली का किरदार हो। जब वी मेट की गीत हो या ओमकारा में मेरा किरदार हो। मैं सिर्फ खान को देख कर फिल्में साइन नहीं कर लेती। मेरा किरदार अहम होता है उन फिल्मों में। दूसरी बात है मैंने मेहनत से मुकाम हासिल किया है। आज मुङो लेकर अगर सेंटरड ओरियेंटेड फिल्म बन रही है। इसका मतलब है कि मैं कामयाब हीरोइन हूं न। मेरी तूलना हमेशा किसी से भी की जाती है। मतलब मैं अभिनेत्रियों की श्रेणी में हूं।
अगर ग्रेडिंग की बात करें तो?
(हंसते हुए) हीरोइन नंबर वन फिलहाल तो मैं हूं लेकिन इससे पहले मेरी दीदी करिश्मा कपूर थीं।
फिल्म इंडस्ट्री में हीरोइन को लेकर ऐसी कौन कौन सी बातें होती हैं जो आपको पसंद नहीं हैं? जैसे आपने अपने फिल्म के डायलॉग में भी कहा है कि कार रखी है तो ब्वॉयफ्रेंड ने गिफ्ट की है..
मुझे बस एक ही बात बुरी लगती है कि हीरोइन जब कामयाब होती है। अपने बलबुते पर तब भी कभी उन्हें पूरा श्रेय नहीं मिलता। या तो उनके सरनेम को या तो फिर ये मान लिया जाता है कि गलत तरीके से ही सफलता मिली होगी। क्या बिना सहारे के अभिनेत्री आगे बढ़ ही नहीं सकती.हम सभी अभिनेत्रियों आज जो बी जगह बनाई है। क्या बिना अभिनय किये ही? क्या केवल सिफारिशों पर ही। मुङो इस बात से सबसे अधिक तकलीफ होती है। दूसरी बात है मुङो हीरोइन्स को आयटम गर्ल टैग पुकारना बिल्कुल पसंद नहीं है। मुङो लगता है कि अभिनेत्रियों की जिंदगी का हिस्सा है डांस, गाना, ग्लैमर। लेकिन आप उसे टैग नहीं सकते इसके लिए।
और खुशी?
सबसे अधिक खुशी तब होती है जब किसी फिल्म में हीरो के साथ हीरोइन के परफॉरमेंस के बारे में बराबर से चर्चा होती है।
आप किन अभिनेत्रियों से इंस्पायर रही हैं?
श्रीदेवी से, माधुरी दीक्षित। करिश्मा, काजोल मेरी पसंदीदा अभिनेत्रियां रही हैं। मैं तो श्रीदेवी की एक्टिंग मीरर में देख देख कर एक्टिंग करती थी। और माधुरी जी की तरह डांस करती थी। और मेरी मम्मी उसे रिकॉर्ड करती थी। तो उस वक्त से मां को भी समझ आ गया था कि मैं फिल्मों से ही जुड़ूंगी।
कभी हीरोइन की जिंदगी से ऊब नहीं होती। नहीं लगता कुछ मिस कर रही हूँ?
हां, कभी कभी होती है। लेकिन फिर सोचती हूं। काम है ये। कभी कभी मन न हो तो भी आपको मेकअप करना है। कैमरे के सामने पोज देना ही है। वरना, फिर से आप लोग ही लिखोगे अच्छी नहीं लग रही थी। डिप्रेशन में चली गयी है करीना। वगैरह वगैरह... तो कभी कभी उब हो जाती है। कभी कभी इच्छा होती है कि सड़क पर घूमूँ। यूं ही कोई पहचान न सके। लेकिन फिर डर भी लगता है कि जिस दिन पहचान खत्म हुई। हीरोइन की जिंदगी तो खत्म न। सो, काम को फिर से एंजॉय करने लगती हूं।
आपके जन्मदिन की क्या प्लानिंग है?
फिलहाल तो यही कि गणपति का मौका रहेगा तो लाल बाग जाऊंगी, और फिल्म भी उसी दिन रिलीज हो रही है। तो बस हीरोइन से जुड़े इवेंट्स में ही रहूंगी।
सैफ की तरफ से कोई खास तोहफा मिलने की उम्मीद?
ये तो सैफ से ही पूछें आपलोग क्या प्लान कर रखा है उन्होंने। मैं कुछ नहीं सकती। फिलहाल।