गौर से देखो इन आखों को और सोचो उस धोखे के बारे में जो आपके सामने है।
स्वाद
अरे ये इस जीभ को क्या हो गया? क्या किसी स्वाद का पीछा करने लगी है है?
ये मारा
अरे ये इसने खुद को ऐसा मुक्कै कैसे मार लिया कि शकल ही पिचका ली।
मैं हूं या तू
अरे ये मैं हूं या तू है। मैं हूं तो तू कैसे तू है तो अरे मैं तेरी हथेली पर कैसे?
अरे मैं कहां रह गया
ओह.. दुखी न हों। कोई एक्सीडेंट नहीं है। यहां भी आपको धोखा हो रहा है।
उफ्फ ये क्या
अरे कंधे पर तो गमझा था ये क्या हो गया?
मैं भी खाउंगा चिप्स
ये भूख है बड़ी.... मैं भी चिप्स खाउंगा आज।
मेरी किताब
अरे मेरी इस किताब को क्या हो गया। सारे अक्षर झड़ गए मैं क्या पढ़ूं अब?
मेरा चेहरा
मेरा चेहरा आईने जैसा तो नहीं है यार लेकिन ये जो है ये भी कोई ठीक नहीं है। कोई बचाओ।
मेरी फोटो
लो मैंने फाड़ ली अपनी ही शकल....
और इन सारी तस्वीरों को देखने के बाद इससे पहले कि आप अपना माथा पकड़ लें और सोचने लगें कि ये सब क्या है। आपको बता दें कि कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर फोटोशॉप की मदद से बनाई गई तस्वीरें हैं। इनमें में कुछ तस्वीरें ऐसी भी हैं जो पहले कैमरे से खींची गईं और बाद में उनमें कलाकारी कर दी गई।