फिल्म 'रांझणा' में सोनम कपूर की जोड़ी साउथ के स्टार धनुष के साथ बनाई गई है। बनारस की पृष्ठभूमि वाली इस प्रेम कहानी में सोनम को अपनी अभिनय प्रतिभा दिखाने के पर्याप्त मौके मिले हैं। उन्होंने पंद्रह साल की लड़की से लेकर इक्कीस साल की युवती तक का किरदार बखूबी निभाया है।
अपनी फिल्म 'रांझणा' के अलावा सोनम कपूर ने अपने कैरियर को लेकर अमर उजाला से लंबी बातचीत की।
'रांझणा' जैसा किरदार आप पहली बार निभा रही हैं। इसमें आपको पंद्रह साल की दो चोटी रखनेवाली लड़की बनना पड़ा है?
हां, इस फिल्म में मेरी कहानी पंद्रह साल की लड़की से शुरू होती है। मुझे स्कूल गर्ल दिखने के लिए दो चोटियां रखनी पड़ीं। मैंने जोया नाम का किरदार निभाया है। इस किरदार को निभाने के लिए मैंने जया बच्चन जी की फिल्म गुड्डी कई बार देखी। मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि मैंने गुड्डी से काफी प्रेरणा ली है।
जोया किस तरह की लड़की है?
एकदम सिंपल लड़की है, लेकिन उसमें बहुत सारे शेड्स हैं। इस किरदार को देखकर हर किसी को लगेगा कि यह आपके पड़ोस में तो नहीं रहती है। इस फिल्म में मैं आपके बीच की ही लड़की बनी हूं।
धनुष भले ही साउथ के स्टार हैं, लेकिन एक बनारसी युवक के किरदार में आपके अपोजिट कितने सटीक हैं?
जब मुझे फिल्म ऑफर हुई थी, उस समय मुझे बताया गया था कि इसमें धनुष हीरो होंगे। खुद मेरी भी समझ में नहीं आया था कि हमारी जोड़ी कैसे जमेगी। तब निर्देशक आनंद राय ने मुझे एक फिल्म दिखाई, जिसमें धनुष ने सिर में गमछा बांधा था। तब मुझे लगा कि धनुष की कास्टिंग एकदम सही है।
क्या कोलावरी डी गाने के हिट होने से पहले आप धनुष को जानती थीं?
नहीं। फिल्म साइन करने के बाद ही पता चला कि वे एक फिल्म में अभिनय के लिए नेशनल अवार्ड भी ले चुके हैं।
फिल्म की शूटिंग के दौरान आपने उनसे कितनी बार कोलावरी डी सुना?
एक बार भी नहीं। मैंने उनसे जब भी कोलावरी डी सुनाने के लिए कहा, उन्होंने मुझसे मसक्कली गाने पर डांस करने की फरमाइश रख दी।
आपने 'रांझणा' स्क्रिप्ट की वजह से साइन की या फिर 'तनु वेड्स मनु' की सफलता से आप प्रभावित थीं?
दोनों ही वजहें हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि 'तनु वेड्स मनु' पहले आनंद राय जी ने मुझे ही ऑफर की थी। मेरे मना करने के बाद ही कंगना को लिया गया।
बनारस में शूटिंग की क्या यादें हैं आपके जेहन में?
मैंने और धनुष ने बनारस की शूटिंग को काफी एंज्यॉय किया। खूब घूमे और खूब गोलगप्पे खाए। गोलगप्पे खाने का एक सीन फिल्म में भी रखा गया है। इसके अलावा मैं बनारस के सभी घाट घूमी और बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए।