नील नीतिन मुकेश ऐसे कलाकार माने जाते हैं जो अपने पूरी शरीर से ऐक्टिंग करते हैं। पिछले कुछ सालों से नील अलग-अलग तरह की भूमिकाओं में दिख रहे हैं। उनके आलोचक मानते हैं कि नील एक ही तरह ही भूमिकाओं में टाइप्ड होते जा रहे हैं। खुद नील इस बारे में क्या सोचते हैं उन्होंने इस बात का साझा अमर उजाला से किया। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के अंश,
इधर आपकी दो फिल्में `डेविड’ और `3जी’ आयी हैं। बीच में आप जैसे गायब ही हो गए थे?
कलाकार तो चाहता है कि उसकी फिल्म थोड़े-थोड़े अंतराल पर रिलीज होती रहे, परंतु निर्णय प्रोड्यूसर लेता है। चूंकि कुछ समय पहले तक मेरी कोई फिल्म रिलीज नहीं हुई थी, इसलिए लग सकता है कि मैं गायब हो गया हूं। लेकिन मैं बॉलीवुड में गायब होने नहीं आया हूं। मेरे एक लक्ष्य है और मैं उसकी तरफ बढ़ रहा हूं।
`3 जी’ में जहां साइको हॉरर ड्रामा है, वहीं इसमें एक लव स्टोरी भी है। क्या उम्मीद है?
लोगों को कब क्या पसंद आ जाए, कोई नहीं जानता। मैने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की है। उम्मीद है कि यह फिल्म और मेरा काम दर्शकों को पसंद आएगा।
'जॉनी गद्दार’, `सात खून माफ’ और `डेविड’ को लॉस एंजेलिस की इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन में जगह मिली है। यह काफी गौरवपूर्ण उपलब्धि है?
यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। मेरे काम को इंटरनेशनल स्तर पर सराहा जा रहा है। मुझे एक नई पहचान मिली है। इस तरह की उपलब्धियां आपको गुणवत्ता वाला काम करने के लिए प्रेरित करती हैं।
क्या आप रोमांटिक हीरो के रूप में भी दिखाई देंगे?
मुझे रोमांटिक हीरो बनने में कोई दिक्कत नहीं है। हाल ही में मैंने एक फिल्म साइन की है `इश्केरिया’। यह पूरी तरह रोमांटिक फिल्म है। इसमें मेरे अपोजिट रिचा चड्ढा हैं। उम्मीद है कि मैं दर्शकों को रोमांस करता हुआ अच्छा लगूं।
फिल्म 'शॉर्टकट रोमियो’ के बारे में बताइए।
यह फिल्म भी जल्द ही पूरी हो जाएगी। इस हॉरर थ्रिलर फिल्म में रोमांस का भी तड़का है।