बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए दिल्ली में आयोजित अधिकार रैली में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को काला झंडा दिखाया गया है।
रामलीला मैदान में आयोजित रैली में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रैली को नीतीश कुमार के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
इस रैली को जद-यू ने भले ही अधिकार रैली नाम दिया हो, लेकिन इसके जरिये नीतीश देश-दुनिया को यह संदेश भी देना देना चाहते हैं कि उनका विकास मॉडल गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के मॉडल से कम नहीं है।
मोदी का गुजरात 10.60 फीसदी की दर से विकास कर रहा है, जबकि बिहार 11 फीसदी से ज्यादा की दर से आगे बढ़ रहा है। यदि केंद्र से संसाधन भी मिल जाएं तो बिहार इससे भी तेज गति से विकास की राह पकड़ सकता है।
इसलिए वे बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। खास बात यह है कि रैली में वे जद-यू की बजाए बिहार की बात ज्यादा करेंगे।
जिस तरह से मोदी लगातार छह करोड़ गुजरातियों की बात करते हैं, अब नीतीश भी 11 करोड़ बिहारियों की बात करते नजर आएंगे। रैली को सफल बनाने व भीड़ जुटाने के लिए दिल्ली की बिहारी बहुल कालोनियों में लोगों से लगातार संपर्क किया जा रहा है।
माना जा रहा है कि नीतीश भाजपा को भी संदेश देना चाहते हैं कि मोदी-मोदी का राग बहुत हो गया है और भाजपा का मोदी प्रेम जारी रहा तो उन्हें कांग्रेस की ओर जाने से परहेज नहीं रहेगा। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर कांग्रेस ने भी दरवाजे खुले रखे हैं।
राज्यपाल का तबादला कर कांग्रेस ने नीतीश की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाने का संकेत भी दे दिया है। इसलिए नीतीश लगातार कह रहे हैं कि जो भी सरकार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देगी, वे उसी के साथ हो जाएंगे।
इसलिए रविवार को रामलीला मैदान की रैली को सफल बनाने के लिए नीतीश के समर्थक कई दिनों से दिल्ली में दिन-रात एक किए हुए हैं। खुद नीतीश कुमार रैली से एक दिन पहले अर्थात शनिवार को दिल्ली पहुंच गए हैं।
अकेले चुनाव लड़ने को तैयार
राजग के प्रमुख घटक दल जद-यू ने कहा है कि अगर हालात बने और भाजपा के साथ उसका गठबंधन टूटा तो वह बिहार में आगामी लोकसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ने के लिए तैयार है।
दिल्ली में होने वाली जदयू की रैली की पूर्व संध्या पर शनिवार को पार्टी प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि भाजपा के साथ गठबंधन बरकरार रहे।
इसके साथ ही पार्टी सभी सीटों पर अकेले दम पर चुनाव लड़ने को भी तैयार है। हाल ही में भाजपा की बिहार इकाई के पूर्व अध्यक्ष सीपी ठाकुर ने कहा था कि उनकी पार्टी राज्य में अकेले लोकसभा चुनाव लड़ने को तैयार है।
इस बारे में पूछे जाने पर तिवारी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में भाजपा समेत हर पार्टी को अपना आधार बढ़ाने का हक है और इससे हमें किसी तरह की परेशानी नहीं है।