पाकिस्तानी सीरियल 'हमसफर' से भारत में मशहूर हुई पाकिस्तानी अभिनेत्री माहिरा खान को हिंदी फिल्में देखना बहुत पसंद है।
साल 2011 में शोएब मंसूर की फिल्म 'बोल' से उन्होंने अपने करियर का आगाज किया था। वो शाहरुख खान की दीवानी हैं और ऐश्वर्या राय बच्चन की सुंदरता की कायल हैं।
अपने बारे में बताते हुए माहिरा कहती हैं 'पाकिस्तान में हिंदी फिल्में दिखाने की मनाही थी। मैंने बचपन में चुपके से 'राम लखन' फिल्म देखी और तय कर लिया कि मुझे तो अब फिल्में ही करनी है।'
बचपन से ही एक्टिंग का शौक लग गया था। मैं छुप-छुप कर हिंदी फिल्में देखती और उनके बारे में सोचती। हम लोग बचपन से ही हिंदी फिल्मे देखते हुए पले-बढे़ हैं।
हमारे लिए ये अल्टीमेट मनोरंजन का साधन होता था। हम हर शुक्रवार का इंतजार करते रहते थे। जैसे हमारे यहां के टीवी ड्रामा यूनीक हैं वैसे ही हिंदी फिल्मों का जवाब नहीं।
माहिरा की पाकिस्तानी फिल्में
ऐसा नहीं है कि हिंदी फिल्मों ने पाकिस्तानी फिल्मों को दबा दिया है। इस साल ईद में हमारे यहां 'हैदर' और 'बैंग बैंग' के साथ पाकिस्तानी फिल्में 'ना मालूम अफराद' और '021' भी रिलीज हुईं।
चारों में से सबसे ज्यादा कारोबार 'ना मालूम अफराद' ने किया। हमारे दर्शक भी अच्छी फिल्में देखना चाहते हैं। वो चाहे किसी भी देश की हों।
पाकिस्तानी टीवी सीरियलों में ड्रामा हमेशा से मजबूत रहा है। लेकिन हमारे यहां 20-25 एपिसोड्स में कहानी खत्म हो जाती है। मुझे गर्व है कि पाकिस्तानी सीरियल भारत में पसंद किए जा रहे हैं। इसी वजह से यहां भी लोग मुझे पहचानने लगे हैं।
वीजा को जितना बडा मुद्दा बनाया जाता है उतना है नहीं। बडे आराम से पाकिस्तानी कलाकार यहां आ जा सकते हैं। यहां पर आतिफ असलम के कॉन्सर्ट होते हैं।
काश मैं अपने शो 'हमसफर' के डीवीडी भारतीय राजनेताओं को और हिंदी फिल्मों के डीवीडी पाकिस्तानी नेताओं को भेज पाती।
भारतीय लड़कियां
पाकिस्तानी लड़कियों की सुंदरता की काफी बातें होती हैं लेकिन भारत में भी खूबसूरती कम नहीं है। दीपिका पादुकोण, कटरीना कैफ, ऐश्वर्या राय बच्चन सभी एक से बढ़कर एक खूबसूरत अभिनेत्रियां हैं।
माहिरा अपने परिवार के बारे में कहती हैं 'मेरे पति का वास्ता विज्ञापन की दुनिया से है। हम दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे।'
वो हिंदी फिल्में नहीं देखते। उन्हें अमरीकन फिल्में देखना ज्यादा पसंद है। मैं रणबीर कपूर और शाहरुख खान दोनों ही के साथ काम करना चाहती हूं।
जब मैं छठी कक्षा में थी तभी से शाहरुख खान पर मेरा क्रश था। शाहरुख के सामने अगर मैं सफेद सलवार कमीज पहनकर दौड़ के जा सकूं तो इसे कहेंगे फिल्मों की ताकत।