ग्लैमर की दुनिया से अलग साधारण सलवार-कुर्ती वाली लड़का का रोल निभाना आसान नहीं होता। मिस इंडिया रह चुकी सिमरन कौर मुंडी ने फिल्म ‘कुक्कू माथुर की झंड हो गई’ की शूटिंग के दौरान यह बात खूब अच्छे से महसूस की। इस फिल्म से वह बॉलीवुड में नई ऊंचाइयां छूने की उम्मीद कर रही हैं। बता रहे है रवि बुले...
वह 2008 में मिस इंडिया यूनिवर्स बनी थीं और उनके सपने भी दूसरी लड़कियों की तरह थे। वह मॉडलिंग और फिल्म की दुनिया में नाम कमाना चाहती थीं। पंजाबी मूल की सिमरन कौर मुंडी मुंबई में पली बढ़ी हैं। बॉलीवुड में उनके कैरियर की शुरुआत फिल्म ‘जो हम चाहें’ (2011) से हुई थी, मगर फिल्म कब आई और कब गई किसी को पता नहीं लगा। इसके बाद सिमरन ने पंजाबी और दक्षिण भारतीय फिल्मों में हाथ आजमाया।
लेकिन बॉलीवुड पर उनकी नजरें हमेशा रहीं। उनकी फिल्म ‘कुक्कू माथुर की झंड हो गई’ इस शुक्रवार को रिलीज हो रही है। इस फिल्म के साथ सिमरन बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी का बड़ा दावा करने जा रही हैं। फिल्म में उनका नाम मिताली है और वह आपके पड़ोस में रहने वाली किसी साधारण लड़की की तरह हैं।
वह दिल्ली में रहती है और अन्य तमाम लड़कियों की तरह अपनी जिंदगी में धन-दौलत-ऐश्वर्य के सपने देखती है। मिताली को आप स्वार्थी भी कह सकते हैं, मगर वह दिल की अच्छी है। रोचक बात यह है कि इस शुक्रवार को ही सिमरन की पंजाबी फिल्म ‘मुंडिया तो बच के रहें’ भी रिलीज हो रही है।
सिमरन की जिंदगी की कहानी एक साधारण लड़की के सपनों के सच होने जैसी है। उन्होंने अपनी पढ़ाई ग्वालियर से की थी और इंदौर से बायोटेक्नालॉजी में डिग्री ली, परंतु इसके बाद मुंबई लौट आईं। यहां वह एक सिनेमाघर चेन से जुड़ गईं, जहां उनका काम फिल्म देखने के लिए आने वाले सेलेब्रिटियों का स्वागत-सत्कार करना था। यहीं काम करते हुए उन्होंने मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और जीतीं।
उन दिनों सिमरन एमबीए करना चाहती थीं, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था। मिस इंडिया का ताज जीतने के बाद सिमरन के लिए मॉडलिंग के दरवाजे खुले और उनकी जिंदगी रातोंरात बदल गई। शुरुआत में सिमरन सिर्फ मॉडलिंग करना चाहती थीं, मगर वह खुद कहती हैं, ‘इस इंडस्ट्री में धीरे-धीरे सबको ऐक्टिंग का कीड़ा काट लेता है।’ यही उनके साथ भी हुआ।
‘कुक्कू माथुर’ में अपने चुने जाने को लेकर वह बताती हैं, ‘मेरा ऑडिशन होने के बाद पंद्रह दिनों तक कोई खबर नहीं थी। जब एक रात मैं दोस्तों के साथ डिनर के लिए रेस्तरां में गई हुई थी कि तभी मेरे पास फोन आया, कल सुबह की फ्लाइट पकड़ कर दिल्ली आ जाइए। कल से ‘कुक्कु माथुर की झंड हो गई’ के लिए आपका शूट है।
मैंने पूछा कि कहीं आप मेरी झंड तो नहीं कर रहे तो उधर से जवाब आया कि बिल्कुल नहीं, यह सच है।’ ...और अगले दिन से शूटिंग शुरू हो गई। फैशन की ग्लैमरस दुनिया से बाहर सिमरन को ऐसा रोल मिला था जिसमें उन्हें साधारण सलवार कुर्ती पहननी थी। उनके लिए प्रोडक्शन टीम ने सड़कों पर लगने वाली दुकानों से ड्रेसें खरीदी थी। वह कहती हैं, ‘शुरुआत में मेरे लिए इस तरह से सिंपल रहना थोड़ा अजीब था, परंतु फिर सब कुछ अच्छा लगने लगा।’
फिल्म में सिमरन कुक्कू माथुर की ऐसी प्रेमिका बनी हैं जिसे पता नहीं कि वह लड़का उनसे प्यार करता है। कुक्कू अपने सपनों की रानी मिताली के लिए हर संभव काम करता है, उसे ख्वाबों में बुलाता है और जहां-जहां वह जाती है उसके पीछे चोरी-छुपे जाता है।
अगर असल जिंदगी में कोई इस तरह सिमरन का पीछा करते तो उन्हें कैसा महसूस होगा? वह कहती हैं, ‘अगर कोई कुक्कू माथुर की तरह प्यार और पीछा करेगा तो मुझे कोई समस्या नहीं है। हां, ऐसा न हो कि पीछा करने वाला सनकी या कुंठित निकले।’
इस नई शुरुआत के बाद सिमरन को उम्मीद है कि वह बॉलीवुड में अपने पैर जमा सकेंगी। लेकिन अभी वह हवा में नहीं उड़ रही हैं। वह कहती हैं, ‘मैं जानती हूं कि मैं दीपिका पादुकोण नहीं हूं। लेकिन अगर मुझे रोल चुनने के मौके मिलेंगे को निश्चित रूप से कंगना रनौत की तरह भूमिकाएं निभाना चाहूंगी।’