आपको यह बात शायद मालूम भी हो कि शोले फिल्म के लिए दो क्लाइमेक्स शूट किए गए थे। पहले क्लाइमेक्स में ठाकुर बने संजीव कुमार गब्बर सिंह को मार देते हैं। दूसरा क्लाइमेक्स जोकि फिल्म में है उसमें ठाकुर, गब्बर को पुलिस के हवाले कर देते हैं। यदि आज यह फिल्म बने तो क्या आप फिल्म का क्लाइमेक्स बदलना चाहेंगे।
टंकी का सीन
फिल्म में एक टंकी का सीन है। यह सीन बहुत चर्चित रहा है। इस सीन में धर्मेंद्र अपनी शादी की मांग मनवाने के लिए टंकी पर चढ़ जाते हैं। बाद में इस बात की खूब चर्चा हुई कि जिस गांव में बिजली ही नहीं है वहां टंकी की भला क्या जरूरत? यदि यह फिल्म आज बने तो क्या आप इस सीन में बदलाव चाहेंगे?
तांगा चलाती बसंती
फिल्म में बसंती का किरदार हेमा मालिनी निभाती हैं। बसंती शोले में इक्का-तांगा चलाती है। इसके साथ वह खूब बातूनी भी है। यदि यह फिल्म आज बने तो क्या आप बसंती को उसी रूप में रखना चाहेंगे? और बसंती तांगा ही चलाती फिरेगी या उसके पास कोई दूसरा वाहन होगा?
अमिताभ की मौत
फिल्म में क्लाइमेक्स के ठीक पहले अमिताभ बच्चन की मौत हो जाती है। इसके बाद फिल्म थोड़ी डल भी होती है। क्या अमिताभ के मरने से आप संतुष्ट थे। यदि इस फिल्म को संशोधित करके बनाने का अधिकार या विचार रखने का मौका आपको दिया जाए तो क्या आप अब भी अमिताभ को मारना चाहेंगे?
गब्बर का स्टाईल
फिल्म में गब्बर सिंह का चर्चित चरित्र अमजद खान ने निभाया है। अमजद ने इसके बाद कई फिल्में कीं लेकिन गब्बर को इसी फिल्म के लिए याद किया जाता है। यदि यह फिल्म आज बने तो क्या गब्बर को आप उसी रूप में रखना चाहेंगे या उसमें कुछ तब्दीली करेंगे? साथ ही उसके साथियों के बारे में आपकी क्या राय है?