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जब प्रेमिका के लिए बौने कर दिए गए धर्मेंद्र?

Thu, 02 Jan 2014 12:50 PM IST
अमर उजाला,मुंबई
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यह किस्सा मोहब्बत के लिए स्वार्थी हो जाने का है। कोई अपनी प्रेमिका के लिए ऐसा कर सकता है?
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कई बातों पर रहस्य का ऐसा पर्दा पड़ा होता है कि कभी उठ ही नहीं पाता। ऐसा ही एक रहस्य है कि क्या हिंदी सिने-इतिहास की क्लासिक फिल्म ‘पाकीजा’ में धर्मेंद्र का भी एक अहम रोल था? जिसे निर्माता-निर्देशक कमाल अमरोही ने काट-छांट दिया।

फिल्म इतिहास में कुछ जगहों पर ऐसे दावे देखने मिलते हैं। 1960 के शुरुआती वर्षों में धर्मेंद्र तेजी से उभरते हुए अभिनेता और मीना कुमारी स्टार अभिनेत्री थीं। मीना कुमारी की शादी कमाल अमरोही से हुई थी और तमाम ज्ञात-अज्ञात कारणों से मार्च 1964 में दोनों जुदा हो गए थे।
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इन दौर में में धर्मेंद्र-मीना कुमार ने कई फिल्में साथ की। उन दिनों में चर्चा जोरों पर थी कि दोनों के बीच प्यार चल रहा है। कुछ लोग मानते हैं कि मीना कुमारी और कमाल अमरोही के अलग हो जाने का यह एक प्रमुख कारण था। इस अलगाव के बाद धर्मेंद्र-मीना कुमारी की जोड़ी ने कई हिट फिल्में दीं, जिनमें ‘काजल’ (1964) और ‘फूल और पत्थर’ (1966) प्रमुख थीं।

धर्मेंद्र-मीना कुमारी की नजदीकियों का ही यह दौर था, जब मीना कुमारी ने खुद को शराब में डुबो दिया था। उन्हें जानने वाले आज भी उनकी इस लत का कारण नहीं समझ सके हैं। कुछ लोग धर्मेंद्र पर अपने कैरियर को आगे बढ़ाने के लिए मीना कुमारी के इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाते हैं और कई जगहों पर इस ही-मैन हीरो को इस खूबसूरत नायिका के बीमार हो जाने का भी जिम्मेदार ठहराया जाता है।

खैर, जब ‘पाकीजा’ की बात होती है तो धर्मेंद्र का भी जिक्र आता है। जानकारों का कहना है कि अशोक कुमार, राज कुमार और मीना कुमारी स्टारर इस फिल्म में धर्मेंद्र भी एक अहम रोल में थे। लेकिन मीना कुमारी के अलग होने और धर्मेंद्र से उनके प्यार की चर्चाओं से गुस्साए अमरोही ने धर्मेंद्र के रोल पर कैंची चला दी।

बताया जाता है कि फिल्म के सबसे चर्चित गाने ‘इन्हीं लोगों ने...’ में धर्मेंद्र की मौजूदगी थी। कुछ अन्य दृश्यों के साथ फिल्म के अंत में भी उनका एक अहम दृश्य था। लेकिन करीब 15 साल के लंबे वक्त में बनी इस फिल्म की स्क्रिप्ट और कलाकारों को कमाल बार-बार बदलते रहे।
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अलग-अलग टुकड़ों में फिल्म  को शूट करते रहे। आखिर में उन्होंने जब फिल्म को अंतिम रूप दिया तो धर्मेंद्र के जितने दृश्य थे उन सबको उड़ा दिया। हालांकि धर्मेंद्र ने अपने पूरे कैरियर में न तो ‘पाकिजा’ को लेकर भी बात की और न कभी मीना कुमारी पर कुछ बोले।

(साभारः हार्पर कॉलिंग इंडिया द्वारा प्रकाशित लेखक मेघनाद देसाई की किताब ‘पाकीजाःएन ओड टू अ बायगॉन वर्ल्ड’ से)

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