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फिल्म समीक्षक तो मेरा ड्राइवर भी हैः फराह

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हैप्पी न्यू ईयर फिल्म को समीक्षकों द्वारा मिली जुली प्रतिक्रिया मिली थी लेकिन ज्यादातर समीक्षकों ने इसे एक बेकार फिल्म कहा था। अब इस पर फिल्म की निर्देशक फराह खान का जवाब आ गया है।
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"आजकल तो हर कोई क्रिटिक बनता है। ट्विटर पर भी हर कोई क्रिटिक है और मेरा ड्राइवर भी क्रिटिक है। ये कहना है 'हैप्पी न्यू ईयर' की निर्देशक फ़राह ख़ान का। फ़िल्म 'हैप्पी न्यू ईयर' दिवाली पर रिलीज़ हुई और बॉक्स ऑफ़िस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है।

आंकड़ा करते हैं फिल्म की समीक्षा

ऋतिक रोशन ने अपनी फ़िल्म 'बैंग बैंग' की सफलता पर कहा था कि सिर्फ़ आंकड़ों यानी फ़िल्म की कमाई के ज़रिए ही ये पता चलता है कि आपकी फ़िल्म चली है या नहीं। इस बात से कितना राब्ता रखती हैं फ़राह ख़ान?

फ़राह कहती हैं, "आंकड़े ये बताते हैं कि उस फ़िल्म को कितना प्यार मिल रहा है। अगर आंकड़े ज़्यादा हैं तो लोग दो या तीन बार उस फ़िल्म को देखने के लिए जा रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "मेरी फ़िल्म 'मैं हूं ना' और 'ओम शांति ओम' को भी समीक्षकों ने एक और आधा स्टार दिया था उसके बावजूद लोगों को फ़िल्म बहुत पसंद आई।"

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100 लोगों के लिए फिल्म नहीं?

कुछ फ़िल्में जनता को पसंद आती हैं तो कुछ फ़िल्म समीक्षकों को। पर क्या ऐसी फ़िल्म बनाना बहुत मुश्किल है जो कि जनता और फ़िल्म समीक्षकों, दोनों को ही पसंद आए?

फ़राह कहती हैं, "हमारे देश की आबादी 130 करोड़ है और अगर इतनी आबादी में से 100 लोगों को फिल्म नहीं पसंद आई तो आप बचे हुए लोगों को कैसे भूल सकते हैं। पहले तो फ़िल्म की समीक्षा करने के लिए कोर्स होते थे पर आज के ज़माने में हर कोई क्रिटिक है।"

फ़राह आख़िर में ये बताना भी नहीं भूलीं कि हॉलीवुड ब्लॉकबस्टर 'टाइटैनिक' को भी ख़राब रिव्यू मिले थे।
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