सनी लियोनी बॉलीवुड में अपने पैर जमा चुकी हैं और उनका संघर्ष भी जारी है। दोनों बातें एक साथ सच हैं। खुद उनके करीबी मानते हैं कि सनी की बॉलीवुड से पहले की छवि इतनी पक्की है कि उसका टूट पाना संभव नहीं है। लेकिन सनी को विश्वास है कि एक दिन सब बदल जाएगा। उनकी फिल्म एक पहेली... लीला अगले महीने रिलीज होगी। सनी से फिल्म और उनकी छवि को लेकर बातचीत की रवि बुले ने...
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क्या अब आपको हिंदी आने लगी है?
जी हां। मैं अपने स्टाफ से हिंदी में बात करती हूं, मगर अभी मेरी हिंदी बहुत अच्छी नहीं है। मुझे हिंदी में बोलना अच्छा लगता है। मैं अमेरिका-कनाडा में पली-बढ़ी हूं तो मुझे वहां हिंदी बोलने की जरूरत नहीं थी। घर में माता-पिता पंजाबी बोलते थे तो मुझे पंजाबी आती है। हां, मैं वहां हिंदी फिल्में देखती थीं। मगर अभी मुझे अच्छी हिंदी बोलने के लिए बहुत प्रेक्टिस करनी पड़ेगी।
क्या आप हिंदी पढ़ना और लिखना भी सीख रही हैं?
हिंदी तो नहीं, मगर मेरी मम्मी ने कोशिश की थी कि मैं पंजाबी पढ़ना-लिखना सीख सकूं। परंतु ऐसा हो नहीं सका।
मैंने ऐसी ड्रेस ट्राई नहीं की
पिछली फिल्मों में आप वेस्टर्न लुक में दिखी हैं। एक पहेली... लीला में ठेठ राजस्थानी परिधान हैं। क्या इससे पहले आपने ऐसे कपड़े पहने थे? अपनी पर्सनल लाइफ भी मैंने ऐसी ड्रेस ट्राई नहीं की थी। यहां लीला गांव की लड़की है। न केवल मैंने राजस्थानी ड्रेस पहनी है बल्कि मेरी स्क्रिन को थोड़ा डार्क किया गया, मेरे बाल यहां घुंघराले हैं। मेरी भौंहों के दोनों ओर और ठुड्डी पर गोदने की तीन-तीन बिंदियां हैं। आप इसमें मेरे मुंह से राजस्थानी के शब्द भी सुनेंगे। मुझे लीला बनने में मजा आया।
लेकिन जोधपुर-बीकानेर के 40 से 45 डिग्री सेल्सियस टेंपरेचर में शूटिंग का अनुभ कैसा था? मुझे भी नहीं पता कि मैंने वहां कैसे काम कर लिया, परंतु वह सब बहुत कठिन था। हर दिन मेक-अप करके लीला बनने में दो से तीन घंटे लगते थे। लेकिन गर्मी में मेक-अप बार-बार पिघल जाता था। चेहरे और शरीर पर लगातार मेक-अप लगाना पड़ता था। कड़ी मेहनत हो जाती थी।
उस गर्मी से शरीर में पानी कम हो जाता था और इस वजह से डिहाइड्रेशन हेडेक (सिरर्दद) रोज होता था। हालांकि हम लोग बहुत नारियल पानी और तमाम जूस पीते रहते थे। एक तरह से कह सकते हैं कि यह अनुभव अच्छा नहीं था। मगर फिल्म के लिए सारी तकलीफें उठानी जरूरी थी।
मेरे दो शरीर हैं मगर आत्मा एक है
लीला को आप अपनी पिछली फिल्मों से किस लिहाज से अलग मानती हैं? फिल्म के प्रोमो से ही पता चल जाता है कि यह मेरी अलग फिल्म है। फिल्म में मेरे दो अवतार हैं। एक आज की लड़की है मीरा, जो लंदन में रहने वाली सुपरमॉडल है। दूसरी है लीला। मीरा इस लीला का पुनर्जन्म है। लीला राजस्थान की है। मैं इन दोनों अवतारों में बिल्कुल अलग नजर आऊंगी।
यहां मेरे दो शरीर हैं मगर आत्मा एक है। एक और बात यह कि मेरे अब तक निभाए सारे किरदारों से लीला न केवल अलग है, बल्कि दूर-दूर तक पुराने किरदारों वाली कोई बात इसमें नहीं है।
फिल्म आपको किस तरह मिली? निर्देशक बॉबी खान मेरे पति डेनियल के मित्र हैं। उन्होंने डेनियल को फिल्म का आइडिया बताया था। डेनियल ने जब मुझे आइडिया बताया तो मुझे पसंद आया। तब मैं बॉबी से मिली।
क्या फिल्म चुनते हुए कहीं आपके दिमाग में यह बात थी कि लीला बॉलीवुड की नाच-गानों वाली मसाला फिल्मों की बड़ी नायिकाओं करीब ले जाकर खड़ा कर देगी? मुझे लगता है कि हर फिल्म आपको पिछले मुकाम से आगे जाती है। आपको कुछ बड़ा बनाती है। बॉबी के भाई अहमद खान को मैं पहले से जानती थी, जिनके डायरेक्शन में मैंने अपना पहला डांस लैला (शूटआउट एट वडाला) किया था। जो बहुत ही शानदार बना था। उसका एक-एक फ्रेम आकर्षक था।
मुझे मालूम था कि अहमद इस फिल्म से जुड़े रहेंगे क्योंकि बॉबी के निर्देशन में यह पहली फिल्म है। अतः मैं यह समझ रही थी कि यह फिल्म बड़े पैमाने पर बनेगी। अहमद और बॉबी फिल्म को भव्य बनाने का पूरा प्रयास करेंगे।
एक दिन मेरी इमेज बदल जाएगी
अब तक रिलीज फिल्मों के बारे में आप क्या सोचती हैं। उन्होंने आपको बॉलीवुड में कहां तक पहुंचाया है? मुझे लगता है कि मेरे फैन्स ने मुझे बहुत सपोर्ट किया है। मैं जानती हूं कि मेरे बारे में, मेरे काम के बारे में बहुत अच्छी बातें नहीं लिखी गई हैं। मैं इसके कारण समझ सकती हूं। परंतु मैंने फैन्स ‘डाई हार्ड सनी फैन्स’ हैं। उन्हें मुझे बहुत सपोर्ट दिया है। रागिनी एमएमएस2 को उन्होंने हिट बना दिया। लीला के ट्रेलर को भी इंटरनेट पर जो हिट्स मिले हैं, वे कमाल हैं। मैं ये नंबर्स खुद तो बना नहीं सकती। ये नंबर झूठ नहीं हैं।
बार बार खबरें आती हैं कि आप इमेज बदलना चाहती हैं मगर आपके ‘डाई हार्ड सनी फैन्स’ इमेज नहीं बदलने देते! मुझे लगता है कि फैन्स आपकी तरक्की को देखते हैं। मेरे फैन्स मुझे बॉलीवुड में आने के बाद फॉलो नहीं कर रहे हैं, वे पहले से हैं। उनकी नजर मेरी ग्रोथ पर है। फैन्स लंबे समय से मेरे जीवन का हिस्सा हैं और मुझे लगता है कि मेरी तरक्की के साथ एक दिन मेरी इमेज बदल जाएगी और मेरे दर्शक भी मेरे साथ बदल जाएंगे।
क्या वाकई...? बिल्कुल। लेकिन यह सही है कि मेरी हर फिल्म में एक किस्म का ग्लैमर और सेक्सीनेस रहती है और रहेगी क्योंकि फिल्में हम किन्हीं खास कारणों से ही देखने के लिए जाते हैं। जिनमें ऐक्टरों का ग्लैमरस, खूबसूरत और सेक्सी दिखना भी शामिल है। अगर मैं ऋतिक रोशन की फिल्म देखने जाती हूं तो मुझे इंतजार रहता है कि वह कब अपनी शर्ट उतार फेंकेंगे!
अगर मैं प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण और जैकलीन की फिल्म देखने जाती हूं तो इसलिए कि वे सुंदर हैं। मैं इंतजार करती हूं कि उनकी अगली फिल्म कब आएगी। मुझे लगता है कि फैन्स भी मुझे इसी तरह से देखते हैं।
क्या आप सचमुच छवि बदलना चाहती हैं? -मैं अंततः अच्छा काम करना चाहती हूं क्योंकि आखिरकार तो आप खूब धन कमाना और सिर पर अच्छी छत चाहते हैं। मैं इसके लिए हर दिन काम कर रही हूं और मेरा परिवार इससे खुश है तो फिर बाकी बातों से क्या फर्क पड़ता है?
इस समय कितनी फिल्मों में काम कर रही हैं? -मेरे पास सात फिल्में हैं। लीला रिलीज हो रही है। इसके बाद इस साल तीन या चार फिल्में और रिलीज होंगी। हालांकि मुझे लगता है कि यह नंबर बहुत ज्यादा है लेकिन मेरे सारे प्रोड्यूसर्स अपनी फिल्में रिलीज करना चाहते हैं तो मैं कुछ नहीं कर सकती।