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रेखा हैं हुस्न और अदा की मिसाल

Mon, 29 Oct 2012 10:45 PM IST
अनुराधा गोयल
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जी हां, हुस्न और अदा की मिसाल हैं रेखा। बॉलीवुड में रेखा जैसी अदाकारा आज के समय में मिलना बहुत मुश्किल है। लोग न सिर्फ रेखा की अभिनय के कायल रहे बल्कि उनकी खूबसूरती पर भी फिदा हैं। आज रेखा का जन्मदिन है, जो अपने जीवन के 58 वसंत पार कर चुकी हैं। रेखा पर फिल्माए एक गीत में गुलजार साहब ने जैसे उनकी ही तारीफ में ये शब्द लिखे थे-
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लब हिलें तो मोगरे के फूल खिलते हैं कहीं,
आपकी आंखों में क्या साहिल भी मिलते हैं

रेखा का असली नाम भानुरेखा गणेशन है। रेखा का जन्म चेन्नई में 10 अक्तूबर 1954 को हुआ। शुरूआत में रेखा को हिंदी बोलने में परेशानी हुआ करती थी। जाने-माने तमिल स्टार जामिनी गणेशन और तेलगू एक्ट्रेस पुप्पा पल्ली के घर में जन्मी रेखा का पारिवारिक माहौल फिल्मी दुनिया से ओतप्रोत था, जिस कारण इन्होंने बाल कलाकार के रूप में तेलुगु फिल्म 'रंगुला रत्नम' में काम किया और बॉलीवुड में 1970 में आई फिल्म 'सावन भादो' से अपने फिल्मी कॅरियर को नया मोड़ दिया। रेखा की मेहनत, लगन, खूबसूरती और अदाओं के चलते रेखा को संपूर्ण अभिनेत्री कहा गया।

अमिताभ बच्चन के साथ इनकी परदे पर केमिस्ट्री खूब जमीं। आलम ये था कि 70 के दशक में रेखा और अमिताभ सबसे हिट जोड़ी बन गई। 'मुकद्दर का सिकंदर', 'राम बलराम', 'खून पसीना' जैसी फिल्मों में दोनों की केमिस्ट्री ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया। हालांकि इन दोनों के अफेयर की चर्चाएं भी जोरों पर रहीं। लेकिन सब अफवाहों की अनदेखी कर 1973 में अमिताभ बच्चन ने जया भादुरी से शादी कर ली। शादी के बाद अमिताभ और रेखा की पहली फिल्म 'दो अजनबी' आई।
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1981 में फिल्म 'सिलसिला' में रेखा आखिर बार अमिताभ के साथ परदे पर दिखाईं दी। जो कि बॉक्स ऑफिस पर सुपर-डुपर हिट रही। हालांकि अमिताभ अब जब तक रेखा के साथ काम करने जताते रहते हैं। अमिताभ बच्चन की शादी के बाद रेखा एक अलग ही तेवर में नजर आई, उनके ये तेवर मुजफ्फर अली की फिल्म ‘उमराव जान’ में दिखाई पड़े।

इस फिल्म में रेखा ने दिल से काम किया। इस फिल्म के जरिए रेखा ने साबित किया था कि वे हर तरह के किरदार में आसानी से ढल सकती हैं। इस फिल्म के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला। 90 के दशक में मीरा नायर की 'कामसूत्र' जैसी फिल्म करके साबित कर दिया की रेखा होने का मतलब हर बार खुद के आगे अपनी रेखा की सीमा से आगे बड़ी रेखा खींच देना है।

रेखा ने लगभग 180 से अधिक फिल्मों में काम किया, जिनमें रेखा के अलग-अलग रूप दिखाई पड़े। रेखा आखिरी बार 2007 में शाहरूख अभिनीत फिल्म `ओम शांति ओम` में दिखी। हालांकि रेखा फिल्मों में आज भी सक्रिय हैं। लेकिन महज दोस्तों के लिए उनकी चुनिंदा फिल्मों में ही।

रेखा आज भी भारतीय सिनेमा की दीवा है। क्योंकि ऐसा माना जाता है कि रेखा ग्लैमर वर्ल्ड की असली मेकओवर क्वीन है। अपने वक्त की हीरोइनों से अलग रेखा ने अपना अलग ही स्टाइल स्टेटमेंट बनाया। रेखा ने अपनी इमेज सीधी मांग, लंबे बाल और साड़ी में बनाई। ये भारतीय नारी की वो तस्वीर थी जिसे हर भारतीय पसंद करता है। हालांकि रेखा ने अलग-अलग फोटो शूट के जरिए अपने लुक्स पर भी खूब एक्सपेरिमेंट्स किए।

तन्हाई थी पसंद
रेखा जहां फिल्मी कॅरियर में मुकाम पर थीं वहीं निजी जिंदगी में एकदम अकेली हो गई थीं। अमिताभ से अलग होने के बाद इन्होंने विनोद मेहरा से शादी की। लेकिन उसे कबूल नहीं कर पाई। 1990 में दिल्ली के बिजनेसमैन मुकेश अग्रवाल से उनकी शादी की खबरें भी खूब उड़ी लेकिन इन खबरों के दौरान ही मुकेश के आत्महत्या की भी खबर आई। इसके बाद तो जैसे रेखा ने तन्हाई को ही अपना जीवनसाथी बना लिया और इन्होंने अपने लिए तन्हा जिंदगी चुन ली।
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रेखा के जन्मदिन के मौके पर आप भी रेखा जी को हमारे साथ बधाईयां दें।

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