साधना की सुंदरता उसके बालों की खास स्टाइल ने सिने प्रेमियों को उनका दीवाना बनाया हुआ था। चुलबुली सी साधना राजकपूर के रिश्तेदार थी। राज कपूर ने नर्गिस के अलावा वैजयंतीमाला, वहिदा रहमान, पद्मिनी हेमा मालिनी जैसी सभी नायिकाओं से साथ फिल्में की। एक फिल्म दूल्हा दुल्हन में वो साधना के साथ भी थे।
फिल्म तो नहीं चली लेकिन फिल्म के गीत संगीत खासा लोकप्रिय हुआ। मगर इस फिल्म की शूटिंग के समय सबको यह देख कर कुछ अजीब लगता था कि राज कपूर और साधना अभिनय तो करते हैं लेकिन आपस में बातें बिल्कुल नहीं करते। फिल्म की शूटिंग जैसे तैसे हो गई।लेकिन दोनों एक दूसरे से कटे कटे रहते थे।
लेकिन फिल्म की दुनिया में इस बात को लेकर उत्सुक्ता हमेशा रही कि ऐसी कौन सी वजह थी कि जिससे दोनों एक दूरी बनाकर रखते थे। उस दौर में कुछ फिल्म पत्रिकाओं में इस बारे में छपता भी रहा लेकिन इसे तूल नहीं दिया गया।
शायद इसकी वजह यही थी कि राजकपूर के किस्से नर्गिस पद्मिनी, वैजयंती माला के संदर्भ में ज्यादा छाए रहते थे। वहां साधना के साथ उनकी दूरी को शायद ज्यादा महत्व नहीं दिया गया।
दूल्हा दुल्हन के गीत आज भी सुने जाते हैं। लेकिन इस फिल्म की कहीं कोई चर्चा न तब हो पाई, न आज उसका किसी संदर्भ में जिक्र होता है।
राज ने भी अपनी तमाम इंटरव्यू में अपनी तमाम हिरोइनों पर कुछ न कुछ जरूर कहा। चाहे फिर नूतन, वहीदा, वैजयंती जैसी अभिनेत्रियां हों जिनके साथ उन्होंने अभिनय किया या फिर डिंपल पद्मिनी कोल्हापुरी या मंदाकिनी जिन्हें उन्होंने अपनी फिल्मों में लिया। लेकिन कहीं भी उन्होंने कभी साधना की चर्चा नहीं की।
जबकि साधना की फिल्में अपने जमाने में खूब चलती थी। उनका युवाओं में खासा क्रेज था। उनकी हेयर स्टाइल चर्चा में था। उस दौर में एक से बढ़कर एक सुंदर अभिनेत्रियां फिल्म जगत में छाई हुई थीं लेकिन टेंपों वाले रिक्शे वाले बस ड्राइवर अपनी सीट के आगे साधना की फोटो सबसे ज्यादा लगाया करते थे।
यही नहीं चमक दमक वाले सैलून हों या आम सैलून वहां साधना की तस्वीर नजर आती थी। राजकपूर तो साधना को लेकर खामोश ही रहे। पर साधना ने भी कभी नहीं बताया कि चुप चुप दूर खड़े रहने की वजह क्या थी।
कोई जान नहीं पाया। बस पुराने लोग यही बताते हैं कि दोनों दूल्हा दुल्हन में कैमरे के आगे आते और फिर दूर चले जाते। कोई बात नहीं होती थी दोनों में। फिल्म भी किसी तरह बन पाई थी।