परीक्षाएं खत्म और अब प्लेसमेंट का समय है। कैंपस प्लेसमेंट के मामले में मथुरा स्थित जीएलए यूनिवर्सिटी कई सालों से बेहतरी की ओर बढ़ रही है। पिछले तीन साल के आंकड़े बता रहे हैं कि जीएलए यूनिवर्सिटी ने बेहतर कैंपस प्लेसमेंट के मामले में काफी उन्नति की है। इन्फोसिस और विप्रो जैसी विश्व प्रसिद्ध कंपनियां कैंपस प्लेसमेंट के जरिए जीएलए के प्रतिभाशाली छात्रों का चयन कर रही है। इसी से उत्साहित होकर यहां दाखिले के लिए छात्रों की भीड़ उमड़ रही है।
जीएलए प्रबंधन ने प्लेसमेंट के आंकड़ों में आई तेजी के लिए बेहतर शिक्षण पद्वति और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर को श्रेय दिया है। प्लेसमेंट के आंकड़े उपलब्ध कराते हुए प्रबंधन का कहना है कि यूनिवर्सिटी अपने छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए हर साल कैंपस प्लेसमेंट कराती है और उसके तहत अच्छी कंपनियों में जॉब पाने वाले छात्रों की संख्या में आश्चर्यजनक तेजी आई है जिससे यूनिवर्सिटी की साख बढ़ी है।
2014 में जहां जीएलए यूनिवर्सिटी का कुल प्लेसमेंट 63.1 फीसदी था, वहीं 2015 में ये बढ़कर 80.8 फीसदी हो गया। 2014 में सीएस के लिए प्लेसमेंट 68.8 फीसदी थी जो 2015 बढ़कर 86.92 फीसदी हो गया।
2014 में EN/EEE में प्लेसमेंट का फीसदी 55.8 था जो 2015 में बढ़कर 82.0 फीसदी हो गया। इलेक्ट्रानिक एंड कम्यूनिकेशन में प्लेसमेंट 57.3 फीसदी थी और 2015 में ये फीसद बढ़कर 81.0 हो गया।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग की बात करें तो 2014 में ये फीसदी 55.3 था और 2015 में बढ़कर 68.65 फीसदी हो गया। सिविल इंजीनियरिंग में 2014 में प्लेसमेंट का प्रतिशत मात्र 27.8 फीसदी था और ये अगले साल बढ़कर 75 फीसदी हो गया। सीए में 2014 में प्लेसमेंट 67.3 फीसदी था और 2015 में बढ़कर 95.8 फीसदी हो गया।
जीएलए की शिक्षा पद्वति से प्रभावित होकर कंपनियां कैसे जीएलए में प्लेसमेंट के लिए उत्साहित हैं, इसका उदाहरण इस बात से लिया जा सकता है कि 2013 में 90 कंपनियों ने जीएलए के छात्रों को हायर किया था। 2014 में हायर करने वाली कंपनियों की संख्या 140 हुई और 2015 में जीएलए के छात्रों को नौकरी देने वाली 170 कंपनियां कैंपस प्लेसमेंट में हिस्सा लेने आई।
इस साल जीएलए के कैंपस प्लेसमेंट में हिस्सा लेने वाली टॉप कंपनियों में विप्रो, इन्फोसिस, एचसीएल, टाटा और होंडा शामिल थी। इन्फोसिस ने जीएलए के 105 छात्रों को नौकरी दी और विप्रो ने जीएलए के 47 छात्रों को काम करने के लिए चुना।