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मासूम लड़की से 10 आतंकियों ने किया गैंगरेप

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अपने खौफनाक कारनामों से दुनिया भर को दहशत में रखने वाले आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने एक बार फिर दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया है। आतंकियों ने 9 साल की एक लड़की को बंधक बनाकर रखा और उसके साथ सामूहिक बलात्कार करते रहे।
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उत्तरी इराक में सामने आई इस वारदात का खुलासा सेना के राहत और बचाव दल ने किया है। लड़की को करीब एक साल बाद सेना ने आतंकियों के चंगुल से मुक्त कराया है।

पीड़िता को आतंकियों ने उन तमाम महिलाओं के साथ 'सेक्स स्लेव' बनाकर रखा था, जो धार्मिक रूप से पिछड़े तबकों की हैं। यहां महिलाएं और मासूम लड़कियां कैदियों जैसा जीवन जीती हैं, और आतंकी उनका यौन उत्पीड़न करते हैं।
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बीते साल जून में आईएसआईएस आतंकियों ने कई महिलाओं और बच्चों को अगवा किया था, जिनमें से 200 यहूदी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सेना ने रिहा करा लिया है।

हर रोज दरिंदे नोचते थे उसका जिस्म

डेली मेल के अनुसार, बीते साल आतंकियों ने करीब 40000 लोगों को बंदूक की नोंक पर अगवा किया था। इनमें से कुछ लोग वहां से भागने में कामयाब रहे तो कुछ लोगों को आतंकियों ने रिहा कर दिया। जिनमें से 9 वर्षीय रेप पीड़ित लड़की भी शामिल है।

पीड़िता ने बताया कि उसके साथ एक-दो नहीं, 10 आतंकियों ने कई बार सामूहिक बलात्कार किया। वह चीखती रही लेकिन वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और उसका जिस्म नोचते रहे। इनमें से ज्यादातर आतंकी या तो संगठन के प्रमुख चेहरों में से थे या फिर आत्मघाती हमलावर, जिन्हें लड़कियां तोहफे के तौर पर दी जाती थीं।

लड़की की देखभाल कर रहे यूसिफ दाऊद ने कहा कि वह गर्भवती है और अगर उसने बच्चे को जन्म दिया तो उसकी जिंदगी भी खतरे में पड़ जाएगी। लगातार यौन उत्पीड़न और टॉर्चर के चलते वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठी है।
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'हमने छोड़ दी थी जीने की उम्मीद'

9 वर्षीय पीड़िता को फिलहाल इलाज के लिए जर्मनी ले जाया गया है। पीड़िता के साथ आतंकियों के चंगुल से रिहा हुए 215 अन्य लोगों ने कहा कि उन्होंने जीने की उम्मीद छोड़ दी थी। उन्हें लगता था कि आतंकी उनकी हत्या कर देंगे लेकिन वह बच गए। उन्हें के मिनी बस में भरकर छोड़ा गया था।

आतंकियों की जेल से आजाद हुए उन सभी लोगों के जिस्म में उत्पीड़न के निशान साफ देखे जा सकते हैं। आतंकियों ने इन लोगों को क्यों रिहा किया है, इसके पीछे भी कोई वजह नहीं पता चल सकी है।

सेना ने इन सभी को एंबुलेंस के जरिए इलाज के लिए भेजा है। एक महिला ने अपनी कहानी बयां करते हुए कहा कि उसने अपने बच्चों को किसी तरह वहां से फरार होने के लिए उकसाया था और वो भाग निकले थे।

लोगों ने बताया कि इस्लामिक स्टेट ज्यादातर महिलाओं को अगवा करके बंधक बनाता है और फिर उनका सामूहिक यौन उत्पीड़न होता है। यूएन ने भी अपनी रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया है कि आतंकी संगठन पिछले तबकों की महिलाओं का यौन उत्पीड़न कर रहा है।
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