मजबूरी में उधार पैसे लेकर काम चलाने वाली महिलाओं की आबरू खतरे में पड़ गई है। कर्ज देने वाले लोग अब महिलाओं को सेक्स के लिए मजबूर कर रहे हैं। आर्थिक तंगी से जूझ रही कई महिलाएं इस शातिर गैंग की करतूत का शिकार बन चुकी हैं।
मामला आयरलैंड का है। आसान ब्याज पर लोन लेकर अब तक कई महिलाओं का जिंदगी तबाह हो चुकी है। ऐसे गैंग की करतूत का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस ने छापामारी करके कइयों का भंडाफोड़ किया लेकिन अभी भी कई गैंग चल रहे हैं।
महिलाओं ने सस्ते ब्याज पर लोन लिया लेकिन अचानक ब्याज दरें बढ़ा दी गईं जिसके चलते महिलाएं कर्ज चुकाने में असमर्थ हो गईं। इसके बाद आरोपियों ने महिलाओं का पीछा करना शुरू किया और उनके बच्चों के लिए मिलने वाली सब्सिडी व सरकारी सहायता का पैसा भी छीनने लगे।
कर्ज देकर करने लगे जिस्म का सौदा
मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, आयरलैंड के दक्षिण पूर्वी इलाकों में ये गैंग ज्यादा सक्रिय हैं। अब तक छह महिलाओं की पहचान हो चुकी हैं जिन्हें पैसे न चुकाने के कारण सेक्स के लिए मजबूर किया गया। आरोपी बड़े ही शातिर ढंग से ये कांड कर रहे हैं।
मजदूर वर्ग की ये महिलाएं किसी तरह अपनी रोजी चलाती हैं लेकिन पैसे उधार लेने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गईं। लगातार बढ़ रही ब्याज दर के कारण रकम ज्यादा को गई जिसके कार वे महिलाएं उसे चुका नहीं सकतीं।
इसके बाद गैंग अपना असली खेल शुरू करते हैं। वे महिलाओं को पैसे चुकाने के दूसरे तरीके सुझाते हैं। ये लोग महिलाओं से पैसे के बदले जिस्म का सौदा करने लगे। उन्होंने महिलाओं को कहा कि वे उनकी जिस्मानी जरूरतें पूरी करके कुछ पैसे चुका सकती हैं।
पूरा कर्ज माफ करने के लिए रखी घिनौनी शर्त
यही नहीं, पैसे देने वाले गैंग सरगना महिलाओं को पूरा पैसा माफ करने का लालच भी देते हैं। इसके बदले में वे उनसे पूरे महीने वेश्यावृत्ति के लिए भी मजबूर करते हैं, लेकिन ऐसा करने के बाद भी उनका कर्ज पूरी तरह माफ नहीं होता।
इस रैकेट के चंगुल में फंस चुकी महिलाएं करीब साढ़े तीन लाख रुपए (€5,000) चुका कर कर्ज मुक्त हो सकती हैं। ये गैंग बीते पांच सालों से ज्यादा सक्रिय हैं। इसकी भनक लगने के बाद स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और पुलिस ने गैरकानूनी तरीके से पैसा, ड्रग्स और वेश्यावृत्ति के धंधों को बंद कराने में जुट गई।
कार्रवाई से परेशान होकर आरोपी शातिरों ने नेताओं और पुलिस पर हमले शुरू कर दिए। उन्होंने उनकी कारें जला दीं। फिलहाल इन शातिरों के गुप्त खातों की जांच में भी एजेंसियां जुटी हुई हैं।