प्रेमी के साथ मिलकर पत्नी ने अपने पति वीरू की हत्या कराई थी। 25 अगस्त को गांव जुनसुटी में माइनर में उनका खून से लथपथ शव मिला था। पुलिस ने हत्यारोपियों को दबोच लिया है और हत्या में प्रयुक्त चाकू और लोहे की रॉड भी बरामद कर ली है।
गांव उस्फार निवासी वीरू पुत्र प्रहलाद सिंह की महेंद्र नगर कालोनी में पापे बनाने की फैक्ट्री है। 23 अगस्त की शाम वे अचानक गायब हो गए थे। 25 अगस्त को गांव जुनसुटी में माइनर में उनका शव मिला था जिस पर चाकुओं से गोदने के निशान थे।
एसपी क्राइम अशोक कुमार रॉय और हाईवे थानाध्यक्ष ने बताया कि वीरू की हत्या उन्हीं की पत्नी सरस्वती ने अपने प्रेमी करन निवासी गांव पंडपुर थाना हाईवे और भीमा निवासी नगला सीता हाईवे से कराई थी।
उन्होंने बताया कि करन सिंह वीरू की पापे बनाने की फैक्ट्री में कर्मचारी था और उसके टेंपो पर चालक था। बाद में उसने टेंपो वीरू से खरीद लिया और माल ढुलाई करता था। अक्सर रात को वह वीरू के घर रुक जाता था। इसी के चलते उसके संबंध वीरू की पत्नी सरस्वती से हो गए। वीरू ने इसका विरोध किया तो सरस्वती ने करन को कहा कि वीरू उसकी हत्या कर सकता है।
इस पर करन ने अपने साथी भीमा को साथ लिया और फोन कर वीरू को बुलाया। दोनों ने जुनसुटी माइनर पर ले जाकर वीरू की चाकू और लोहे की रॉड से हत्या कर दी और शव माइनर में फेंक दिया। पुलिस ने करन और भीमा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सरस्वती के मोबाइल के कॉल रिकार्डिंग, मेमोरी कार्ड के आधार पर सरस्वती को षड्यंत्र में शामिल होने का आरोपी बनाया है।