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आसाराम केस: कृपाल की पत्नी बोलीं, कर लूंगी आत्महत्या

Thu, 16 Jul 2015 03:36 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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आसाराम प्रकरण में मारे गए गवाह कृपाल सिंह की पत्नी नीरज के सामने दु:खों का पहाड़ खड़ा है। एक बच्चा गोद में और एक गर्भ में लिए वह अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने सरकार से नौकरी की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर नौकरी नहीं मिली तो वह परिवार के साथ आत्महत्या कर लेंगी। उन्होंने कहा कि उनके पति ही परिवार का एकमात्र सहारा थे।
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उनके ससुराल और मायके वाले इतने संपन्न नहीं हैं कि वह उनका व बच्चों का बोझ उठा सकें। वह कहती हैं कि मेरे पास तो इतने पैसे भी नहीं थे कि वह अपने पति का अंतिम संस्कार कर पातीं। अगर पुलिस प्रशासन ने अंतिम संस्कार का इंतजाम नहीं कराया होता तो लोगों-रिश्तेदारों से मदद मांगनी पड़ती।

नीरज ने कहा कि उनके पति लोगों को बीमा करके परिवार का जैसे-तैसे गुजारा करते थे। इतनी आमदनी नहीं थी कि कुछ बचत कर पाते। अब अगर सरकार उन्हें नौकरी नहीं देगी तो उन्हें मजबूरन आत्महत्या करनी पड़ेगी। पूरी तरह टूट चुकीं नीरज इस बात से भी दुखी हैं कि सरकार ने उनके पति को सुरक्षा नहीं दी। वह कहती हैं कि इससे पहले भी आसाराम प्रकरण में गवाहों पर हमले हुए, लेकिन सरकार ने इससे भी सबक नहीं लिया।
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अगर पीड़िता के परिवार को सुरक्षा दी गई थी तो उसके पति को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई। कृपाल की पत्नी ने कहा कि उनके पति को यह नहीं पता था कि सच्चाई का साथ देने के लिए उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ेगी।

कृपाल ने अपने ही जीवन को नहीं दिया 'सुरक्षा कवच'

उम्र भर दूसरों ‌को जीवन बीमा पॉलिसी बेचने वाले कृपाल ने अपने जीवन के लिए ही कोई 'सुरक्षा कवच' जीवन बीमा पॉलिसी नहीं खरीदी। इससे उसके आश्रितों को जीवन बीमा की ओर से आर्थिक सहायता भी नहीं मिलेगी। इससे कृपाल की पत्नी के सामने पति को खोने के गम का पहाड़ तो पहले से ही है।

ऐसे में आर्थिक तंगी भी उसे झेलने को मजबूर होना पड़ रहा है। गौरतलब है कि केवल क्लब मेंबरों में शामिल बीमा अभिकर्ताओं के जीवन का रिस्क कवर ही कंपनी की ओर से कवर किया जाता है।

इसमें सीएम क्लब, जेडएम क्लब और डीएम क्लब नाम के तीन क्लब होते हैं। एक वर्ष में 12 पॉलिसी के आसपास करने वालों के जीवन का रिस्क कवर नहीं होता है।’

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पीड़िता ने कहा कि वह हमलों से नहीं डरेगी

कथित तौर पर आसाराम के दुष्कर्म की शिकार हुई शाहजहांपुर की 16 वर्षीय किशोरी ने गवाह कृपाल सिंह की हत्या पर सोमवार को संवाददाता संम्मेलन कर कहा कि वह किसी भी प्रकार की धमकी से नहीं डरेगी। उसने कहा कि वह इंसाफ के ल‌िए अपनी लड़ाई आखिरी तक जारी रखेगी।

उसने कहा कि वह कृपाल की सिंह हत्या से काफी दुखी है। लेकिन वह किसी भी प्रकार की धमकियों से डरने वाली नहीं है।

पीड़िता ने कहा कि आसाराम ने अब तक नौ गवाहों पर हमला करा चुका है जिसमें तीन की जान जा चुकी है। पीड़िता ने कहा कि पहले तो आसाराम ‌और उसके बेटे ने मासूम लड़िकियों का बलात्कार किया और अब मामले को कमजोर करने के लिए गवाहों की हत्या करा रहे हैं। अब 18 साल की हो चुकी पीड़िता ने हाल में 12वीं की परीक्षा पास की है।

पीड़िता ने मामले पर सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि अग पुलिस कृपाल सिंह के कातिलों का पता लगाने में नाकाम रहती है तो यह मामला सीबीआई को सौंप दिया जाना चाहिए ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
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