अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त शांतिनिकेतन के विश्व भारती विश्वविद्यालय में एक छात्रा से यौन उत्पीड़न और उसका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का मामला प्रकाश में आया है।
विश्व भारती विश्वविद्यालय प्रशासन ने कला भवन की उस छात्रा की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। इस बीच राज्य महिला आयोग ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप की गुजारिश करेगा। प्रधानमंत्री इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति होते हैं।
विश्वविद्यालय के कला भवन में फाइन आर्ट की छात्रा का उसके कुछ वरिष्ठ छात्रों ने इसी सप्ताह के शुरू में कथित रूप से यौन शोषण किया। उन लोगों ने इसका वीडियो भी तैयार कर छात्रा का भयादोहन किया। अत्यंत आहत छात्रा को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया और इलाज के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी मिली।
पश्चिम बंगाल महिला आयोग की अध्यक्ष सुनंदा ने एक न्यूज एजेंसी से कहा कि मीडिया रिपोर्ट के आधार पर हमने संज्ञान लिया है। यह इस प्रकार की पहली घटना नहीं है। असल में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें छात्र, कर्मचारी, शिक्षक सभी ने यौन प्रताड़ना का सामना किया है।
मोदी से हस्तक्षेप की गुजारिश
उन्होंने कहा कि जब कुलपति ही इस तरह के एक आरोप का सामना कर रहा हो तो आप क्या उम्मीद कर सकते हैं? हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विश्व प्रसिद्ध इस संस्थान के हित में हस्तक्षेप की गुजारिश करने जा रहे हैं।
वहीं, विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि 'कला भवन की दूसरे वर्ष की छात्रा ने विश्वविद्यालय को लिखे एक पत्र में कहा है कि वह सिक्किम की रहने वाली है। उसके साथ तीन छात्रों ने उसका यौन उत्पीड़न किया।' लड़की ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने मोबाइल से कुछ अश्लील तस्वीरें भी ले ली हैं और उसे उनसे ब्लैकमेल करने की धमकी दी है।
यौन उत्पीड़न के खिलाफ आंतरिक शिकायत कमेटी के अध्यक्ष मौसमी भट्टाचार्या ने कहा, 'हमें कला भवन की प्रधानाचार्य के जरिये एक शिकायत प्राप्त हुई है। हमने तत्काल एक बैठक आहूत की और शिकायत की जांच के लिए अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।'
उन्होंने देर रात कहा, 'हमने लड़की और उसके पिता से बात की है। हम जांच पूरी करके रिपार्ट जल्द से जल्द संबंधित अधिकारी को सौंप देंगे।'
'मैं एक परेशान बेटी के साथ लौट रहा हूं'
लड़की और उसके पिता को पहले कुलपति सुशांत दत्त गुप्ता के कार्यालय ले जाया गया, जहां उन्होंने करीब दो घंटे बिताए और उसके बाद उन्हें चर्चा के लिए एक अन्य इमारत ले जाया गया।
अभी यह पता नहीं चल पाया है कि चर्चा में क्या निकला। चर्चा के बाद लड़की और उसके पिता को विश्वविद्यालय की एक कार में बोलपुर रेलवे स्टेशन ले जाया गया जहां से वे सरायघाट एक्सप्रेस से कोलकाता के लिए रवाना हो गए।
वहीं, यौन प्रताड़ना की शिकायत की आंतरिक जांच करने वाली समिति के एक सदस्य ने कहा कि हमें गुरुवार को यौन प्रताड़ना की शिकायत मिली और हम इसकी जांच कर रहे हैं। पीड़िता के पिता ने कहा कि, उन्होंने कहा है कि यदि आप न्याय चाहते हैं तो पुलिस के पास न जाएं। केवल हमीं आपको न्याय दे सकते हैं।
यदि आप पुलिस के पास गए तो वे आपके लिए मुसीबत ही खड़ी करेंगे। उन्होंने कहा, "मैंने एक हंसती खेलती बच्ची को भेजा था लेकिन मैं एक परेशान बेटी के साथ लौट रहा हूं। मैं नहीं समझता कि वह यहां फिर पढ़ने के लिए लौटेगी।"