रायपुर थाना क्षेत्र के एक टोले में रविवार की रात दो सिपाहियों ने असलहे के बल पर घर के बाहर सोई महिला के साथ दुष्कर्म की कोशिश की। महिला का शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने सिपाहियों को बांध कर पिटाई की।
सिपाहियों को बचाने पहुंची रायपुर पुलिस को ग्रामीणों के तेवर देख पीछे हटना पड़ा। बाद में कई थानों की पुलिस और पीएसी के साथ पहुंचे सीओ सदर ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब सिपाही मुक्त हो सके। इस मामले में रायपुर एसओ और दोनों सिपाहियों को लाइनहाजिर कर दिया गया।
सोमवार की दोपहर डीएम दिनेश कुमार सिंह और प्रभारी एसपी लालबहादुर मातहतों के साथ पहुंचे और घटना की जानकारी ली। ग्रामीणों ने कड़ी कार्रवाई न होने पर मंगलवार को बाजार बंद करने और प्रदर्शन की चेतावनी दी।
रात में की बलात्कार की कोशिश
रायपुर थाने के सिपाही अमरेंद्र प्रताप यादव और अनुज सिंह रविवार की रात सादे वेश में निकले थे। रात 10 बजे वे रायपुर थाना क्षेत्र के एक टोले में पहुंचे। यहां एक अधेड़ महिला घर के बाहर अकेले सोती मिली। आरोप है कि दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश शुरू कर दी।
महिला ने शोर मचाया तो एक ने उसका मुंह दबा दिया, जबकि दूसरे ने असलहा दिखाकर चुप कराने का प्रयास किया। आरोप है कि महिला को रुपये का लालच भी दिया गया। तब तक पीड़ित के परिवार एवं अन्य लोग पहुंच गए और दोनों आरोपियों को पकड़ कर तमंचा छीन लिया।
ग्रामीणों ने एक सिपाही को पेड़ से और दूसरे को खूंटे से बांधकर पिटाई की। एसओ एसपी सिंह ने जब सिपाहियों को मुक्त कराने की कोशिश की, तो ग्रामीणों के तेवर देख उन्हें पीछे हटना पड़ा। रात डेढ़ बजे पन्नूगंज, मांची पुलिस के साथ पीएसी बल लेकर सीओ सच्चिदानंद पहुंचे और एसपी से वार्ता कर दोनों सिपाहियों और रायपुर एसओ के लाइन हाजिर होने की जानकारी दी। साथ ही मामले की जांच कर 12 घंटे के भीतर एफआईआर और निलंबन का आश्वासन दिया, तब ग्रामीण शांत हुए।